कबीरधाम जिला के पण्डरिया विकास खण्ड अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति (बैगाओं) पर्यावास अधिकार के मान्यता हेतु जागरूकता अभियान सह प्रशिक्षण शिवीर आयोजित किया गया l
स्थान: रोखनी
दिनांक : 21/05/025
पण्डरिया विकास खण्ड के 10 बैगा बसाहटो- रोखनी, बकेला, देवसरा, मुडकी, खाम्हीअमलीटोला, छिन्दीटोला, सोनबरसा,अमनिया, बीजापारा उपका, सरहापथरा में रह रहे विशेष पिछडी जन जाति को पर्यावास अधिकार कि मान्यता दिलाने कि दिशा में जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर ग्राम रोखनी में आज दिनांक 21/05/025कोआयोजित किया गया जिसमें 10बैगा बसाहटो से 65 पारंपरिकबैगा महिला एंव पुरूषो ने भाग लिये इस कार्यक्रम का आयोजन समाज सेवी संस्था आदिवासी समता मंच के द्वारा किया गया जो बैगाओ को पर्यावास अधिकार दिलाने मेंलगातार पिछले 4 वर्षो से अथक प्रयास कर रही है इस कार्यक्रम में भाग ले रहे पर्यावास अधिकार कोर कमेटी के ब्लाक अध्यक्ष गौठुराम बरंगिया ने बताया कि हम लोगों ने पहला प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम का आयोजन किये और आज दुसरा दीन रोखनी में है और कल सगौना में रहेगा ऐसे करके 8 बैगा बसाहटो में प्रशिक्षण शिविर एंव जागरूकता अभियान जोर शोर चला रहे है
बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री इतवारी राम मछिया ने बताया कि छत्तीसगढ के सभी विशेष रूप से कमजोर पिछडी जनजाति (पी, वी, टी, जी को पर्यावास अधिकार लेना इसलिए जरूरी है ताकि पुरे पर्यावास क्षेत्र में बैगा समुदाय अपने रिति रिवाज़, अपनी मान्यताओं के साथ निरंतर रूप से रह पायेगा और अपने पर्यावास कि रक्षा कर पायेंगे तथा उसे समृध कर पायेंगे!
आदिवासी समता मंच के अनिमा बनर्जी ने बताया कि बैगाओ के समाजिक, आथिर्क अधिकार, सासंकृतिक, जैव. विविधता बैगाओ के सासंकृतिक विरासत उनकी आस्था मान्यताओं का गांव वार दस्तावेज तैयार किया गया है जो पर्यावास अधिकार प्राप्त करने कि दिशा मे एक प्रमुख कडी है!आदिवासी समता मंच के सहेत्तर सिंह धुर्वे ने बताया कि 110 बैगा बसाहटो का नजरी नक्शा तैयार किया गया है!
इस कार्यक्रम में भाग ले रहे कोर कमेटी के सदस्य दसमी बाई बैगा बताया कि हमारे बैगा समाज के पर्यावास क्षेत्र में परंपरा से जल जंगल जमिन एंव देवी देंवताओ से आटुट जुडाव है इसलिए हमारे बैगा समाज को आगे आके जागरूक होना चाहिए
आदिवासी समता मंच के कार्य कर्ता हेमंत गढेवाल ने बताया कि बैगा बसाहटो के पारा, टोला, मोहल्ला में ग्राम सभा का आयोजन किया जायेगा जिसमें बैगा समुदाय के ही लोगो को वन अधिकार समिति के सदस्यों को चैन किया जाना है!केवलसिह बैगा ने खुशी जाहिर करते हुये कहाँ छत्तीसगढ़ गढ कि सरकार छत्तीसगढ़ में रह रहे सभी आदिम जनजाति (पी, वी, टी, जी)को पर्यावास अधिकार दिलाने में मद्दद कर रहा है जो कि काफी सराहनीय है!
इस कार्यक्रम में शुशील, बिहारी, परदेशी, बिरझू, सवनू, भदलीबाई, चैतिबाई, धनमतियाबाई, फगनीबाई, रामफुल, पुसियाबाई, महकु, तितरू आदि बैगाओ ने भाग लिए
सहेत्तरसिह धुर्वे अनिमा बनर्जी
समन्वयक समन्वयक
आदिवासी समता मंच



