विष्णुदेव सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति –
2025 से प्रभावित होकर बीजापुर में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर कुल ₹68 लाख का इनाम था। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हुए है।
इससे यह स्पष्ट है माओवाद की कमर टूट चुकी है। इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए सुरक्षाबलों को बधाई!
बीजापुर में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एंटी नक्सल ऑपरेशन के बढ़ते दबाव के बीच 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर बीजापुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सामने हुआ, जहां नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
सूत्रों के मुताबिक, इन नक्सलियों पर विभिन्न हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप थे। सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।
एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा, जिससे वे समाज में एक नई शुरुआत कर सकें।
यह सरेंडर सरकार और सुरक्षाबलों की रणनीति की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। आने वाले दिनों में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की संभावना जताई जा रही है।



