महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल विकास परियोजना कुकदुर के अंतर्गत मुनमुना और अमनीया सेक्टर में पोषण ट्रैकर एप्प में दर्ज बच्चों के स्वास्थ्य डेटा में गंभीर

विसंगतियाँ सामने आई हैं। जुलाई 2025 के आंकड़ों के अनुसार ओवरवेट, ओबेस, एसएएम और एमएएम श्रेणी के बच्चों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर क्षेत्रीय निगरानी की घोर कमी को दर्शाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में परियोजना अधिकारी वृजेश सोनी सहित अमनीया की शशीकला राजपूत, पोलमी की कमलेश साहू, और मुनमुना की अनिता बंजारा को एक सप्ताह के भीतर इन विकास संबंधी विसंगतियों को सुधारने का निर्देश दिया गया है।
बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ – नाम सहित सूची उजागर

राज्य स्तर से हो रही मॉनिटरिंग के बीच यह चूक विभागीय लापरवाही की पराकाष्ठा मानी जा रही है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराई गई तो इसे जिम्मेदारी से कार्य न करने की श्रेणी में माना जाएगा।
क्या कहता है विभाग
“स्वास्थ्य डेटा की वास्तविकता और क्षेत्रीय सत्यापन में भारी अंतर दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी कार्य पूरी तरह विफल है। इसे एक सप्ताह में सुधारना अनिवार्य है।”


