ग्राम पोंडी में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बैगा समाज ने CBI/SIT जांच की माँग की
ग्राम पंचायत पोंडी (थाना सीपत) में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाकर सरकारी नौकरी, शिक्षा और चुनावी आरक्षण का लाभ लेने का गंभीर आरोप सामने आया है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज संघ ने कलेक्टर मुंगेली को दिए ज्ञापन में दावा किया है कि यहां के कई धीवर/ढीमर परिवार खुद को बैगा बताकर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का फायदा उठा रहे हैं।
शिकायत में कहा गया है कि इन लोगों ने दाखिल-खारिज, भूलेख और पंचायत रिकॉर्ड में भी छेड़छाड़ की है। कुछ लोगों के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं, जिन्हें इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है। आरोप है कि फर्जी बैगा प्रमाणपत्र के आधार पर कई लोग सरकारी नौकरी, आरक्षित सीट से चुनाव जीतने और आदिवासी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि
सभी संदिग्ध जाति प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त किए जाएं।
दोषियों पर FIR दर्ज कर उनकी संपत्ति कुर्क की जाए।
सरकारी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कर असली जाति दर्ज की जाए।
संबंधित सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूरे मामले की जांच SIT या CBI से कराई जाए।
शिकायत में यह भी आरोप है कि RTI से जानकारी मांगने वालों को धमकियां दी जाती हैं और बड़े स्तर पर राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण भी मिला हुआ है।
इस मामले की शिकायत की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, अनुसूचित जनजाति आयोग, और CBI को भी भेजी गई हैं


