ग्राम कुई की सड़क बनी मौत का गड्ढा, अधिकारी-ठेकेदार ‘राम भरोसे’

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ग्राम कुई की सड़क बनी मौत का गड्ढा, अधिकारी-ठेकेदार ‘राम भरोसे’।
ग्राम कुई के शनि मंदिर के सामने नेऊर-बदना मार्ग पर पुलिया के पास सड़क इतनी जर्जर हो गई है कि मानो यह कोई सड़क नहीं बल्कि मौत का गड्ढा हो। बरसात का पानी भरते ही यह गड्ढा दुर्घटनाओं का न्यौता देता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसी रास्ते पर पंचायत भवन, पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी और मिडिल स्कूल है—जहाँ रोज छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्गों को अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की दुर्दशा देखकर लगता है कि योजना का पैसा सड़क पर नहीं, कहीं और ही “पिच” कर दिया गया। ठेकेदार बेफिक्र है, अधिकारी-कर्मचारी आँख मूंदे बैठे हैं और ग्रामीण रोज हादसों से जूझ रहे हैं।
इसके पहले भी इस सड़क की हालत पर समाचार प्रकाशित हो चुका है, लेकिन शायद जिम्मेदारों तक खबर पहुँची ही नहीं—या फिर पहुँच गई तो उन्होंने “गड्ढे में डाल दी”।
ग्राम कुई अटल चौक से बाजार तक सड़क जगह-जगह गड्ढों से पटी हुई है। यही नहीं, यह मार्ग सुदूर पहाड़ी अंचल के लगभग 50 गांवों को जोड़ता है। ओवरलोड ट्रक और भारी वाहनों ने सड़क को और तबाह कर दिया है, लेकिन रोकथाम के लिए कोई आगे नहीं आता।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?

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