दिन में जंगल और रात में गांवों में घुस रहे 4 हाथी पिछले सप्ताह से मध्यप्रदेश के फेन अभयारण्य और कवर्धा वनमंडल के तरेगांव रेंज में 4 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में एक बच्चा हाथी भी शामिल है। दिन में हाथी जंगल के अंदर छिप जाते हैं और शाम होते ही उनका मूवमेंट शुरू होता है। गांवों में घुस आते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के रास्ते में आने वाले गांवों में लोग उन्हें डंडा और फटाके फोड़कर भगा रहे हैं। इससे हाथियों को अपने मार्ग पर पहुंचने में कठिनाई हो रही है। अभी हाथियों का दल बोड़ला ब्लॉक के धनवाही से वापस फेन अभयारण्य के मार्ग पर चला गया है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के पीछे गश्त कर रही है। दिन और रात अलग-अलग टीम हाथियों की निगरानी कर रही हैं। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों के वनकर्मी संयुक्त रूप से हाथियों की सुरक्षा और निगरानी में लगे हैं।
हाथियों के दल ने साजाटोला में 4 घरों को तोड़ा है। वहां रखे राशन खा गए हैं। वहीं धनवाही में भी एक घर तोड़ने की सूचना है। कई जगहों पर कोदो- कुटकी की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। नुकसान हुए फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। ताकि प्रभावितों को क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके।
प्रभावित और संभावित मार्ग वाले गांवों में अब भी अलर्ट जारी है। इनमें ग्राम धनवाही, देवगांव, मुकाम, दलदली,आमनारा, गढ़ीदादर, सलगी दादर, चेंद्रादादर, साजाटोला, कोयलारी, मोधीया पथरा शामिल हैं। ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने, रात में बाहर न निकलने, हाथियों के पास न जाने, घर के सामने आग जलाकर रखने जैसी सावधानियों की हिदायत दी गई है।