जनसंपर्क और जनसेवा की कड़ी में कुकदुर क्षेत्र के ग्राम बदना में एक विशेष जनसमस्या शिविर

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कुकदुर: दीपा धुर्वे ने जनसमस्या शिविर के माध्यम से सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर निराकरण के दिए निर्देश
कुकदुर/बदना: जनसंपर्क और जनसेवा की कड़ी में कुकदुर क्षेत्र के ग्राम बदना में एक विशेष जनसमस्या शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला सदस्य एवं सभापति दीपा धुर्वे मुख्य रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तार से सुना।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सड़क और राशन कार्ड से संबंधित अपनी शिकायतें जनप्रतिनिधि के समक्ष रखीं। दीपा धुर्वे ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और शेष लंबित कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बदना के सरपंच शंकर यादव, सभी निर्वाचित पंच, ग्राम पंचायत के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के आयोजन से उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाने में मदद मिलती है।
सभापति दीपा धुर्वे ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र का विकास और प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बदना के ग्रामीणों ने की शासकीय भूमि पर पट्टा दिलाने की मांग, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

जिले के तहसील कुकदूर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बदना के ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम में स्थित ‘बड़े झाड़ के जंगल’ और अन्य शासकीय भूमि पर काबिज परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें विधिवत पट्टा प्रदान किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वे और उनके पूर्वज पीढ़ियों से इन जमीनों पर काबिज हैं और वहीं रहकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। लंबे समय से काबिज होने के बावजूद, रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने के कारण उन्हें शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने और अपनी भूमि पर मालिकाना हक साबित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें:
बड़े झाड़ और शासकीय भूमि पर काबिज ग्रामीणों का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।
राजस्व रिकॉर्ड में ग्रामीणों का कब्जा दर्ज किया जाए।
सर्वे के पश्चात पात्र व्यक्तियों को शासन की नियमानुसार पट्टा प्रदान किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी आजीविका और आवास की सुरक्षा को देखते हुए इस पर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्यवाही की जाए। अब देखना होगा कि राजस्व विभाग इस दिशा में सर्वे की प्रक्रिया कब तक शुरू करता है।

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