कामठी के मैदान पर पंडरिया का परचम, आदर्श क्रिकेट क्लब की प्रतियोगिता का भव्य समापन
कामठी (प्रतापगढ़): खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ शरीर का आधार हैं। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए ग्राम पंचायत कामठी के खेल मैदान पर आदर्श क्रिकेट क्लब प्रतापगढ़ (कामठी) द्वारा आयोजित भव्य टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का बुधवार, 4 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कई दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ के अंतिम दिन रोमांच अपने चरम पर था, जहाँ पंडरिया की टीम ने मेजबान कामठी को हराकर खिताबी जीत दर्ज की।
रोमांचक फाइनल मुकाबला: पंडरिया ने मारी बाजी
बुधवार की दोपहर जब फाइनल मैच की शुरुआत हुई, तो पूरा मैदान दर्शकों की भीड़ से खचाखच भरा हुआ था। फाइनल मुकाबला कामठी और पंडरिया के बीच खेला गया। कामठी की टीम ने घरेलू मैदान का फायदा उठाते हुए शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन पंडरिया के खिलाड़ियों ने सधी हुई गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण (fielding) के दम पर मैच को अपनी ओर मोड़ लिया।
मैच के अंतिम क्षणों में दर्शकों की सांसें थमी हुई थीं। पंडरिया के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल किया और जीत की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। हार के बावजूद कामठी की टीम ने जिस जज्बे के साथ लड़ाई लड़ी, उसने खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया।
पुरस्कार वितरण और मुख्य अतिथि
मैच के समापन के पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती पार्वती-संतराम मसराम (सरपंच, ग्राम पंचायत कामठी) थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री नकुल मरावी (उपसरपंच, ग्रा.पं. कामठी) द्वारा की गई।

मंच पर विशेष अतिथि के रूप में श्री दिनेश कुमार चेचाम (पूर्व पंच, ग्रा.पं. कामठी), श्री कमलेश कुमार चेचाम और क्षेत्र के जाने-माने विश्रामसिंह मरावी (क्रिकेट कोच) उपस्थित रहे।
अतिथियों का संबोधन: “खेलों से होता है सर्वांगीण विकास”
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सरपंच पार्वती मसराम ने कहा, “आज के समय में युवाओं को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर मैदान पर पसीना बहाने की जरूरत है। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि आपसी भाईचारे को भी बढ़ाती हैं।”

अध्यक्षता कर रहे उपसरपंच नकुल मरावी ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा कि हार और जीत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आपने खेल भावना के साथ मैदान पर संघर्ष किया। वहीं कोच विश्रामसिंह मरावी ने खिलाड़ियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया और भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।



