पंडरिया के किसानों का महाराष्ट्र दौरा: आधुनिक खेती और जल प्रबंधन की बारीकियां सीखेंगे अन्नदाता
कबीरधाम, 13 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY-WDC 2.0) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के जिला कबीरधाम के पंडरिया ब्लॉक के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण ‘अंतर-राज्यीय प्रशिक्षण सह एक्सपोजर विजिट’ (Inter-State Training cum Exposure Visit) कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के प्रगतिशील किसान महाराष्ट्र के प्रमुख कृषि केंद्रों का दौरा करेंगे।
आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव
उप संचालक कृषि, जिला कबीरधाम के मार्गदर्शन और सहायक संचालक कृषि सह पीआईए (WDC 2.0/2/पंडरिया) के नेतृत्व में आयोजित इस 10 दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य कबीरधाम के किसानों को महाराष्ट्र की उन्नत खेती और सिंचाई तकनीकों से रूबरू कराना है। इस दौरे के दौरान किसान निम्नलिखित स्थानों का भ्रमण करेंगे:
जलगांव (जैन इरिगेशन): यहाँ किसान आधुनिक ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के निर्माण और उनके प्रभावी उपयोग को करीब से देखेंगे।
राहुरी (महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ): यहाँ कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसलों की किस्मों और कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वाल्मी (WALMI), औरंगाबाद: जल और भूमि प्रबंधन संस्थान (WALMI) में किसानों को जल संचयन, वाटरशेड प्रबंधन और सिंचाई जल के कुशल उपयोग के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में बताया जाएगा।
नासिक: नासिक के अंगूर और प्याज के बागानों में किसान बागवानी की उन्नत विधियों और ‘निर्यात गुणवत्ता’ के उत्पादन के गुर सीखेंगे।
WDC 2.0: जल और मृदा संरक्षण पर जोर
योजना के द्वितीय चरण (PMKSY-WDC 2.0) का मुख्य फोकस वाटरशेड विकास, वर्षा जल का संचयन और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पंडरिया के किसान यह सीखेंगे कि कैसे सीमित जल संसाधनों का उपयोग करके अपनी आय को दोगुना किया जा सकता है। सरकार इस योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों पर 55% तक का अनुदान भी प्रदान कर रही है।



