अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने जिला प्रशासन सतर्क है और सभी विवाह आयोजनों पर निगरानी रखी जा रही है।
बाल विवाह की रोकथाम के लिए गठित निगरानी टीमों की सहायता से सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।