आज दिनांक 27/05/2025 को ग्राम भाकुर मे पर्यावास अधिकार लेने हेतु विशेष रुप से कमजोर पिछडी जनजाति बैगाओ का उमडी भिड
………………………………….कबीरधाम जिले के पण्डरिया विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले 20 बैगा बसाहटो पर भाकुर, देवानपटपर, बदनाचुवा, छीन्दीडीह, भेलकी, नवापारा धोबे, तेलिया पानी धोबे, सेजाडीह, पीपरटोला, सेनदुरखार, सारपानी, बांगर, अधचरा नीचे, जखनाडीह, अमीदा, सरहापथरा, बीजापारा उपका, अमनिया, छुइहा, झुमर में रह रहे विशेष रुप से कमजोर जनजाति (बैगा) के पर्वास अधिकार के मान्यता दिलाने कि दिशा में प्रशिक्षण शिविर सह. जागरूकता अभियान ग्राम भाकुर मे आज आयोजित किया गया जिसमें उपस्थित बीस बैगा बसाहटो से 106 पारंपरिक बैगा महिला एवं पुरुषों ने भाग लिये!
इस कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले समाज सेवी संस्था आदिवासी समता मंच के द्वारा किया गया जो बैगाओ को पर्यावास अधिकार दिलाने में पिछले चार वर्षों से लगातार बैगा बसाहटो में बैठकर लोगो को पर्यावास अधिकार के बारेमें समझाने के प्रयास कर रही है!
इस कार्यक्रम में भाग ले रहे पर्यावास अधिकार कोर कमेटी के ब्लाक अध्यक्ष गौठुराम बरंगिया ने बताया कि 20/05/025 से आज तक पंडरिया ब्लाक के 11 बैगा बसाहटो में आठ दीनो तक लगातार प्रशिक्षण शिविर एवं जागरूकता अभियान जोर सोर से चला रहे थे जिस अभियान में बड चड कर लोगो ने हि लिस्सा लिया और अपने संस्कृति कर्मा, ददरिया और चांच गांन कर इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाया!
बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष इतवारी राम मछिया ने बताया कि पर्यावास अधिकार लेना इह लिए जारूरी है ताकि पुरे पर्यावास क्षेत्र में बैगा समुदाय ने अपने रीतिरिवाज, वेसभुन्सा अपने मान्यताओं के साथ निरंतर रूप से रह. पायेगा और अपने पर्यावास क्षेत्र के रक्षा कर पायेंगे तथा उसे समृध कर पायेंगे आदिवासी समता मंच के अनिमा बनर्जी ने बताया कि बैगाओ के समाजिक,आर्थिक अधिकार सांस्कृतिक, जैव. विविधता के सांस्कृतिक विरासत उन्की आस्था, मान्यताओं का गाव वार दस्तावेज तैयार किया गया है जो पर्यावास अधिकार प्राप्त करने कि दिशा में प्रमुख कडी है!
आदिवासी समता मंच के सहेत्तर सिंह धुर्वे ने बताया कि पुरे 110 बैगा बसाहटो का नजरी नक्शा तैयार किया गया है
आदिवासी समता मंच के हेमंत कुमार गढेवाल ने बताया कि पण्डरिया ब्लाक के 116 बसाहटो में बैगा समुदाय के लोग निवास रत है जिसमें 110 बैगा बसाहटो के पारा, टोला, मोहल्ला में वन अधिकार समिति गठन कर ग्राम सभा किया जायेगा!
आदिवासी समता मंच के कार्यकर्ता मनोज कुमार बैगा ने बताया कि पिछले एक वर्ष से संस्था में जुड़कर अपने बैगा समुदाय के लिए पर्यावास अधिकार का दस्तावेजी करण तैयार कर रहे है!
इसलिए मै चाहता हुँ कि अपने समाझ को अपने अधिकार के लिए आगे आकर बड चडकर भाग लेना चाहिए इस कार्यक्रम में भाग ले रहे कोर कमेटी के सदस्य दसमी बाई बैगा नेअपनी बैगानी भाषा मे बताया कि हमारे बैगा समाज के पर्यावास क्षेत्र में पारंपरा से जल जंगल, जमिन, देवताओं से आटुट रिस्ता (जुडाव) है इसलिए हमारे बैगा समाज को अपने अधिकार के प्रति जागरूक होना जरूरी है!
संतराम, घिनवा, लामू, बजरू, धनसिह, हरिसिंह बैगा ने खुशी जाहिर करते हुये कहाकि छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ में रह रहे सभी आदिम जन जाति (P. V. T. G.) को पर्यावास अधिकार दिलाने. में मदद कर रहा है जो काफी सराहनीय है!
शिव प्रसाद, रामसिंह, संतुराम, सुखराम, मोतिरा, हिरालाल, बुधराम, विश्राम, बिसाहु, लमियाबाई, रमोतिन, जमनीबाई, सुखियाबाई, सोनिया बाई, बिगरीबाई, फुलबाई, तथा आदिवासी समता मंच के कर्याकर्ता गढ अनिल कुमार धुर्वे, अशोक मरावी, राजेश मानिकपुरी, जोन्हु बैगा ने भी भाग लिया!



