वर्तमान में कैलाश चंद्रवंशी जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इस क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस दोनों के कई दावेदार हैं, लेकिन कैलाश चंद्रवंशी की राजनीतिक पकड़ और उनके संघर्ष का इतिहास उन्हें सबसे आगे रखता है। उनका नाम भाजपा में एक मजबूत और भरोसेमंद नेता के रूप में उभरकर सामने आया है। पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है।
कैलाश चंद्रवंशी ने हमेशा हिंदुत्व के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता और निष्ठा ने उन्हें पार्टी में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। उनकी दावेदारी न केवल पार्टी में विश्वास को व्यक्त करती है, बल्कि जनता में भी उन्हें लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
कैलाश चंद्रवंशी की राजनीतिक यात्रा से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों पर चलकर समाज के लिए काम किया है। इस बार उनकी दावेदारी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, और यह देखना होगा कि पार्टी उन्हें टिकट देती है तो जीत 100% सुनिश्चित है लेकिन एक बात तो साफ है कि उनके समर्पण और संघर्ष ने उन्हें पार्टी और जनता के बीच एक मजबूत स्थान दिलाया है कैलाश चंद्रवंशी ने भाजपा संगठन और जिला पंचायत क्रमांक 10 के सभी देवतुल्य कार्यकर्ता और आम जनता से अपने जीत का आशीर्वाद
कैलाश चंद्रवंशी का नाम हमेशा संघर्ष और साहस के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। उन्होंने न सिर्फ भाजपा के अंदर अपनी पहचान बनाई, बल्कि कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में भागीदारी निभाकर अपने नेतृत्व की पहचान बनाई। चाहे वह किसानों के अधिकारों की बात हो जिसमें चना के अतिरिक राशि को लेकर 9 दिन तक दिन रात कलेक्ट्रेट ऑफिस गेट के सामने वर्तमान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी और अन्य साथियों के साथ जनता को न्याय दिलाने के लिए डटे रहे और उनके इस समर्पण और इस लड़ाई में इनकी जीत हुई और किसानों का उनका चना का अतिरिक राशि का भुगतान सरकार को करना पड़ा झंडा विवाद हो या फिर अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे, कैलाश हमेशा आगे रहते हैं। उनका यह संघर्ष इतना सशक्त रहा कि उन्हें फर्जी एट्रोसिटी एक्ट में फंसा कर जेल भी भेजा गया यहां तक कि उनके ऊपर पूर्व सरकार की कद्दावर मंत्री और कलेक्टर ने भी जिला बदर की कार्यवाही तक किया ताकि उनके हौसले और उनके मनोबल को गिरा सके और जनता के बीच उनका एक डरपोक राजनेता के रूप में छवि जाए लेकिन उन्होंने परवाह न करते हुए जेल भी गए आंदोलन में हिस्सा भी लिया और यह सिद्ध करके बताया की कैलाश चंद्रवंशी जेल भी जा सकता है लेकिन आम जनता के हित के लिए कभी पीछे नहीं हटेगा और हुआ भी वही कैलाश चंद्रवंशी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे और जीत भी सत्य की हुई इसलिए कहते हैं की सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं अगर इसका हम मिसाल कैलाश चंद्रवंशी के नाम पर करें तो कोई गलत बात नहीं होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के जिला उपाध्यक्ष और युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी राजनीति में एक मजबूत और प्रतिबद्ध नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके राजनीतिक यात्रा का दायरा 15 वर्षों से भी ज्यादा का है, और इस दौरान उन्होंने न सिर्फ पार्टी के लिए अपनी मेहनत और समर्पण दिखाया, बल्कि जनता के हितों की रक्षा के लिए हमेशा कड़ा संघर्ष किया है।
सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं संघर्ष और साहस का नाम है कैलाश चंद्रवंशी..
कैलाश चंद्रवंशी का नाम हमेशा संघर्ष और साहस के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। उन्होंने न सिर्फ भाजपा के अंदर अपनी पहचान बनाई, बल्कि कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में भागीदारी निभाकर अपने नेतृत्व की पहचान बनाई। चाहे वह किसानों के अधिकारों की बात हो जिसमें चना के अतिरिक राशि को लेकर 9 दिन तक दिन रात कलेक्ट्रेट ऑफिस गेट के सामने वर्तमान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी और अन्य साति
के साथ जनता को न्याय दिलाने के लिए डटे रहे
जय वीरू की जोड़ी जय को मिला मंजिल अब वीरू की बारी..



