जिला स्तरीय छात्रावास/आश्रम प्रबंधन समिति का गठन, विद्यार्थियों के हित में संचालित होगी निगरानी व्यवस्था

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 जिला स्तरीय छात्रावास/आश्रम प्रबंधन समिति का गठन, विद्यार्थियों के हित में संचालित होगी निगरानी व्यवस्था

 

आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत जिले में संचालित शासकीय छात्रावासों एवं आश्रमों की बेहतर व्यवस्था एवं संचालन को लेकर जिला स्तरीय छात्रावास/आश्रम प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इस आशय का आदेश कलेक्टर गोपाल वर्मा द्वारा 18 जुलाई 2025 को जारी किया गया। समिति का गठन शासन के आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार किया गया है। समिति का कार्यकाल दो शैक्षणिक सत्र का रहेगा, जिसके दौरान हर छह माह में दो बार बैठक आयोजित की जाएगी।

जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर कबीरधाम को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा नामित प्रतिनिधियों को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि, जिला पंचायत शिक्षा समिति अध्यक्ष, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी सहित कुल 15 सदस्यों को समिति में शामिल किया गया है। समिति के सचिव सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कबीरधाम होंगे।

समिति का कार्य

छात्रावासों एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, भौतिक संसाधनों की उपलब्धता की निगरानी, भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, भवन की मरम्मत एवं सुरक्षा जैसे विभिन्न पहलुओं पर नजर रखते हुए समय-समय पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराना समिति का प्रमुख कार्य होगा। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा एवं महिला कर्मियों की समस्याओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन एवं पालन प्रतिवेदन की जिम्मेदारी सचिव एवं सदस्यों की होगी।

समिति गठन का उद्देश्य 

जिले में संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें और उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार हो। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समिति के मार्गदर्शन में सभी कार्यों का पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

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