बस्ताविहीन शाला दिवस पर शा. प्रा. शा.डबरी में पूज्य संत गुरुघासीदास जी की जयंती मनाई गयी. कार्यक्रम में सभी शिक्षकों व बच्चों ने बाबा जी की तेलचित्र पर पूजन-अर्चन किया.कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मिडिल स्कूल के शिक्षक श्री दिलीप देवांगन ने कहा गुरु घासीदास बाबा जी का सम्पूर्ण जीवन मानव समाज के लिए था. उन्होंने सत्य, अहिंसा तथा प्रेम का सन्देश दिया जो आज भी प्रासंगिक है.शाला के प्रधानपाठक श्री होरीलाल गबेल ने कहा गुरु घासीदास बाबा जी का जन्म उस समय जिस समय समाज में भेदभाव व्याप्त था. लोग अपने संकीर्ण मानसिकता के कारण छुआछूत जैसे सामाजिक कुरीतियों को दिल में बैठाये थे. श्री गबेल ने कहा बाबा जी का सन्देश हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है.गुरु जी के मनखे-मनखे एक समान का सिद्धांत सबमें सामाजिक समरसता का भाव जगाता है. श्री गबेल ने आगे कहा नदी, वृक्ष और संत परोपकारी होते हैं अतः ये हमारे लिए पूज्यनीय है.कार्यक्रम में पंथी नृत्य आयोजन हुआ.शिक्षकों द्वारा बच्चों पुस्कार प्रदान किया गया. इस अवसर पर शिक्षक श्री छवि यादव, श्री संजय चतुर्वेदी, भाई सत्यपाल व बच्चे उपस्थिति रहे.



