फिरोज खान का मूल पद व्याख्याता लब है मगर पिछले कुछ वर्षों से वे प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी पंडरिया के तौर पर काम कर रहे थे । एक अन्य कर्मचारी को स्थगन मिलने के बाद भी फिरोज खान को पिछले लगभग तीन वर्षों से बिना काम के वेतन शिक्षा विभाग के दिए द्वारा दिया जाता रहा ।
आश्चर्य की बात यह रही की लोक शिक्षण संचालनालय यदि चाहते तो अपने पूर्व के आदेश को निरस्त कर सकते थे ऐसा क्यों नहीं किया गया ? यह तो वही बता सकते हैं. बहरहाल फिरोज खान को उनके मूल संस्था पोलमी के लिए कार्य मुक्त कर दिया गया है



