संघर्ष से सफलता की जो राह होती है उसे शब्दों में अभिव्यक्त करना बहुत ही भावनाओं से भरा होता है। सुतियापाट नहर विस्तारीकरण से लेकर बकेला जलाशय व क्रांति जलाशय के लिए हमने संघर्ष किया और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद वह संघर्ष सफलता में परिवर्तित हुई।
आज ग्राम देवसरा में बकेला व्यपवर्तन योजना के फीडर नहर निर्माण कार्य एवं देवसरा क्रांति जलाशय योजना के नहरों के लाइनिंग कार्य (प्रथम चरण) का भूमिपूजन किया।
इस योजना के माध्यम से क्षेत्र के लगभग 60 गांव के 15000 हेक्टेयर में कृषि करने वाले किसान लाभान्वित होंगे। प्रथम चरण में आज 43 करोड़ 81 लाख से अधिक की लागत से होने वाले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया जिसके अंतर्गत ग्राम बकेला, देवसरा, लिमहईपुर, बिरमपुर, गांगपुर, रामहेपुरा, पंडरीपथरा, केशलीगोडान, सगोना, मथानी, सवागांव, पंडरिया, डोमसरा, मैनपुरा एवं बिरकोना के किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
साथियों, इस योजना के तहत द्वितीय चरण के निर्माण कार्य का जल्द ही भूमिपूजन सम्पन्न होगा जिसके अंतर्गत क्षेत्र के अन्य 45 गांव के किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे।
मैं योजना के तहत लाभान्वित समस्त किसान भाई-बहनों को बधाई देती हूं साथ ही माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी एवं मुख्यमंत्री श्री Vishnu Deo Sai जी द्वारा सिंचाई परियोजना की इस बहुप्रतीक्षित मांग को स्वीकृति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करती हूं।
संघर्ष से सफलता की जो राह होती है उसे शब्दों में अभिव्यक्त करना बहुत ही भावनाओं से भरा होता है। सुतियापाट नहर विस्तारीकरण से लेकर बकेला जलाशय व क्रांति जलाशय के लिए हमने संघर्ष किया और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद वह संघर्ष सफलता में परिवर्तित हुई।
आज ग्राम देवसरा में बकेला व्यपवर्तन योजना के फीडर नहर निर्माण कार्य एवं देवसरा क्रांति जलाशय योजना के नहरों के लाइनिंग कार्य (प्रथम चरण) का भूमिपूजन किया।
इस योजना के माध्यम से क्षेत्र के लगभग 60 गांव के 15000 हेक्टेयर में कृषि करने वाले किसान लाभान्वित होंगे। प्रथम चरण में आज 43 करोड़ 81 लाख से अधिक की लागत से होने वाले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया जिसके अंतर्गत ग्राम बकेला, देवसरा, लिमहईपुर, बिरमपुर, गांगपुर, रामहेपुरा, पंडरीपथरा, केशलीगोडान, सगोना, मथानी, सवागांव, पंडरिया, डोमसरा, मैनपुरा एवं बिरकोना के किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त जल की आपूर्ति सुनिश्चित होग




