आज दिनाक 25/05/2025 को बीरधाम जिला के पण्डरिया विकास खण्ड अन्तर्गत आने वाले ग्राम चतरी एवं नवापारा पोलमी में 13 गांव के विशेष रूप से कमजोर पिछडी जनजाति (बैगाओं)ने पर्यावास अधिकार लेने हेतु भाग लिया!
पण्डरिया विकास खण्ड के 13 बैगा बसाहटों -चतरी, विचारपुर,साल्हेभटठी ,मंगली, नवापारा मझोली,नांगरडबरा, अमलीटोला,बीजापारा उपका, नवापारा पोलमी,सजनखार, पोलमी,भेडागड, में रह रहे विशेष पिछडी जन जाति को पर्यावास अधिकार कि मान्यता दिलाने कि दिशा में प्रशिक्षण शिविर सह जागरूकता अभियान ग्राम चतरी एवं नवापारा पोलमी में आज आयोजित किया गया जिसमें 13 बैगा बसाहटो से *88* पारंपरिक बैगा महिला एंव पुरूषो ने भाग लिये इस कार्यक्रम का आयोजन समाज सेवी संस्था आदिवासी समता मंच के द्वारा किया गया जो बैगाओ को पर्यावास अधिकार दिलाने में लगातार पिछले 4 वर्षो से अथक प्रयास कर रही है इस कार्यक्रम में भाग ले रहे पर्यावास अधिकार कोर कमेटी के ब्लाक अध्यक्ष गौठुराम बरंगिया ने बताया कि हम लोगों ने पहले मजगांव, रोखनी,सगौना ,धुरसी,रूखमीदादर,कौआनार, अमली टोला,और आज ग्राम चतरी और नवापारा पोलमी में है ऐसे करके 8 बैगा बसाहटो में करना था लेकिन 10मे आयोजित किया गया और हम ऐसे करके सभी ग्रामों में प्रशिक्षण शिविर एंव जागरूकता अभियान जोर सोर से चला रहे है। जैव -विविधता हमारे जीवन का आधार है यह न केवल हमारे पर्यावरण को स्वस्थ रखती है बल्कि हमें भोजन, औषधि और अन्य संसाधन प्रदान करती है
आदिवासी समता मंच के अनिमा बनर्जी ने बताया कि बैगाओ के समाजिक, आथिर्क अधिकार, सासंकृतिक, जैव. विविधता बैगाओ के सासंकृतिक विरासत उनकी आस्था मान्यताओं का गांव वार दस्तावेज तैयार किया गया। सेहत्तर सिंह धुर्वे ने बताया कि 110 बैगा बसाहटों का नजरी नक्शा तैयार किया गया है। हेमंत कुमार गढ़ेवाल ने बताया कि बैगा बसाहटों के पारा,टोला, मोहल्ला में ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा जिसमें बैगा समुदाय के ही लोगों को वन अधिकार समिति के सदस्यों को चैन किया जाना है जिसमें सभी महिला एवं पुरुषों को अधिक से अधिक संख्या में जाकर पर्यावास अधिकार लेने के लिए प्रस्ताव अनुमोदन कराना है। अमन पडिया, नवल सिंह,बिरसू बैगा, मानसिंह,दसरी बाई,बसंता,सोनकुमार इन सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा छत्तीसगढ़ की सरकार छत्तीसगढ़ में रह रहे सभी आदिम जनजाति बैगा समुदाय को पर्यावास अधिकार दिलाने में मदद कर रहा है जो काफी सराहनीय है। इस कार्यक्रम में सेमलाल पडिया, शांति बाई,कौशिल्या बाई,हंसी बाई, गठिया बाई,तिहरो बाई,साखिन बाई,जेठीया बाई आदि बैगाओं ने भाग लिए। अनिमा बनर्जी, सेहत्तर सिंह धुर्वे। समन्वयक आदिवासी समता मंच



