पण्डरिया विकास खण्ड अन्तर्गत आने वाले ग्राम सगौना में 11गांव के विशेष रूप से कमजोरपिछडी जनजाति (बैगाओं)ने पर्यावास अधिकार

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आज दिनाक 22/05/025 को कबीरधाम जिला के पण्डरिया विकास खण्ड अन्तर्गत आने वाले ग्राम सगौना में 11गांव के विशेष रूप से कमजोरपिछडी जनजाति (बैगाओं)ने पर्यावास अधिकार लेने हेतु भाग लिया! 

पण्डरिया विकास खण्ड के 11बैगा बसाहटो सगौना, बदौरा, कुरलूपानी, गांगपुर, कमराखोल, मुनमुना,बुचीपारा, परेवाछ,अमनिया, बीजापारा उपका, सरहापथरा में रह रहे विशेष पिछडी जन जाति को पर्यावास अधिकार कि मान्यता दिलाने कि दिशा में जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर ग्राम सगौना में आज आयोजित किया गया जिसमें 11बैगा बसाहटो से 62 पारंपरिकबैगा महिला एंव पुरूषो ने भाग लिये इस कार्यक्रम का आयोजन समाज सेवी संस्था आदिवासी समता मंच के द्वारा किया गया जो बैगाओ को पर्यावास अधिकार दिलाने मेंलगातार पिछले 4 वर्षो से अथक प्रयास कर रही है इस कार्यक्रम में भाग ले रहे पर्यावास अधिकार कोर कमेटी के ब्लाक अध्यक्ष गौठुराम बरंगिया ने बताया कि हम लोगों ने पहले मजगांव, रोखनी और आज ग्राम सगौना में है ऐसे करके 8 बैगा बसाहटो में मप्रशिक्षण शिविर एंव जागरूकता अभियान जोर सोर से चला रहे है एवं जैव. विविधता के बारे में विस्तार पुरवक जानकारी दिया!

बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री इतवारी राम मछिया ने बताया कि छत्तीसगढ के सभी विशेष रूप से कमजोर पिछडी जनजाति (पी, वी, टी, जी को पर्यावास अधिकार लेना इसलिए जरूरी है ताकि पुरे पर्यावास क्षेत्र में बैगा समुदाय अपने रिति रिवाज़, अपनी मान्यताओं के साथ निरंतर रूप से रह पायेगा और अपने पर्यावास कि रक्षा कर पायेंगे तथा उसे समृध कर पायेंगे!और सरकार के महत्वकांक्षी पी. एम जनमन योजना के बारे मे बताया!

आदिवासी समता मंच के अनिमा बनर्जी ने बताया कि बैगाओ के समाजिक, आथिर्क अधिकार, सासंकृतिक, जैव. विविधता बैगाओ के सासंकृतिक विरासत उनकी आस्था मान्यताओं का गांव वार दस्तावेज तैयार किया गया है जो पर्यावास अधिकार

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