पोलमी के बाद अब घोघरा कला में बकरी चोरी: बोलेरो सवार चोरों ने 17 बकरी-बकरा उड़ाए,

lok sev
IMG-20260114-WA0060
previous arrow
next arrow

 

ग्रामीण अंचलों में सक्रिय बकरी-बकरा चोर गिरोह ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी का अहसास कराया है। बीती रात ग्राम घोघरा कला में हुई चोरी की घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल की रात लगभग 3 बजे बोलेरो गाड़ी में सवार अज्ञात चोरों ने ग्रामवासी जेठू यादव के घर का ताला तोड़कर वहां रखे 17 बकरी-बकरों को चुराकर फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, चोरी की घटना बेहद सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गई। चोरों ने बड़ी चतुराई से पहले घर की निगरानी की और फिर ताला तोड़कर महज कुछ मिनटों में सभी मवेशियों को वाहन में लादकर भाग निकले।

घटना की जानकारी सुबह होने पर गांव में हड़कंप मच गया। जेठू यादव ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हो रही इस तरह की वारदातों के बावजूद पुलिस की गश्त और सतर्कता बेहद ढीली है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों में रोष, सुरक्षा की मांग

चोरी की घटना से न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि पूरे गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पोलमी गांव में कुछ दिन पूर्व हुई बकरी चोरी की वारदात के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी, जिसका फायदा उठाकर चोर गिरोह ने अब घोघरा कला में भी वारदात कर दी।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध वाहनों पर निगरानी रखी जाए तथा चोर गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

पशुपालकों में फैली दहशत

लगातार हो रही मवेशियों की चोरी से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। कई पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए अब रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते चोरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं कदम उठाने पड़ सकते हैं।

Related posts