कवर्धा में पत्रकार और कैमरामैन पर जानलेवा हमला,पत्रकारों ने चक्काजाम की चेतावनी 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर

lok sev
IMG-20260114-WA0060
previous arrow
next arrow
कवर्धा में पत्रकार और कैमरामैन पर जानलेवा हमला,पत्रकारों ने चक्काजाम की चेतावनी 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर
पत्रकार सुरक्षा अधिनियम को तत्काल प्रभार से लागू करना चाहिए ताकि पत्रकारिता का स्वाभिमान बचा रहे. जनता से संबंधित आपातकालीन सेवा भाव को पत्रकारिता कहा जाता है देश के चौथा स्तंभ पत्रकारिता, प्रेस और समाचार को कहा जाता है। चौथी स्तंभ वकालत की स्पष्ट क्षमता और राजनीतिक मुद्दों को तैयार करने की निहित क्षमता दोनों में प्रेस और समाचार मीडिया की एक अहम भूमिका है जो कि अब असुरक्षित होते नजर आ रहा है आज भ्रष्टाचार देश में चरम सीमा पर है और भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद आज की स्थिति में भ्रष्टाचार को उजागर करना मतलब सीधा मौत को दावत देने जैसा है ,बावजूद यथा स्थिति में भी पत्रकार समाज को भ्रष्टाचार के दलदल से उठाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल लोगों के बीच समाचार परोस शहादत भी अपना रहे है ।
ठीक ऐसा ही मामला आया है डिप्टी सीएम विजय शर्मा के गृह जिला कबीरधाम से जहां बीते शुक्रवार को एक पत्रकार को खबर बनाना भारी पड़ गया हम बात कर रहे हैं द फायर न्यूज पोर्टल के संपादक व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आई एन एच के जिला संवादाता संजय यादव अपने कैमरा मेन के साथ जिले में घटिया किस्म के पानी को परोसने वाले क्षीरपानी के नाम से पानी पाउच व मिनरलन वाटर में हो रहे मिलावटी को सामने लाने के लिए उनके गोडाउन उद्योग नगर पहुंचे हुए थे जहां क्षीरपानी के मालिक के द्वारा पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की कोशिश भी किया गया जैसे तैसे पत्रकार अपनी जान बचाकर वहां से निकल थाना पहुंचा।
एफ आई आर करने की जगह नसीहत देते रहे पुलिस कर्मी ।
पत्रकार जब अपने सहपाठियों के साथ जब ऍफ़ आई आर कराने थाना सिटी कोतवाली पहुंचे तो थाने में मौजूद अधिकारी पत्रकार को नसीहत देते रहे की एक आई आर करने के बजाय तुम राजनीमा करलो अन्यथा तुम्हारे ऊपर ही मामला बन सकता है,जिससे प्रतीत होता है कि पूरा पुलिस प्रशासन पत्रकार के साथ नहीं बल्कि उद्योगपति के साथ है गर ऐसा ही हाल रहा तो भविष्य में पत्रकारिता के साथ साथ पत्रकारों को भी शहादत देनी पड़ेगी देश का चौथा स्तंभ पत्रकारिता के लिए नाम मात्र साबित हो रहा है
पत्रकारों ने 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी
 प्रेस की आज़ादी और पत्रकार सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में शुक्रवार शाम एक गंभीर घटना घटित हुई। प्रतिष्ठित चैनल के पत्रकार संजय यादव और उनके कैमरामैन पर स्थानीय उद्योगपति द्वारा जानलेवा हमला कर दिया गया।
घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है, जब पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे थे। आरोप है कि छीरपानी बॉटल व एस.जी. मसाला कंपनी के संचालक संदीप गुप्ता व गणेश गुप्ता ने पहले रोकने की कोशिश की, फिर पत्रकार को गले से पकड़कर मारने का प्रयास किया। इस दौरान कैमरामैन के दो मोबाइल फोन लूट लिए गए और तीसरे को छीनने का भी प्रयास हुआ। किसी तरह पत्रकार और कैमरामैन जान बचाकर मौके से निकले।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने इस पूरे मामले में लगभग 6 घंटे की देरी से एफआईआर दर्ज की। रात 11 बजे जाकर मामला दर्ज हुआ। पत्रकारों ने पुलिस की इस भूमिका पर कड़ा सवाल उठाया है और कहा है कि यह न केवल प्रेस की आज़ादी पर हमला है, बल्कि उनकी सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।
पत्रकार संगठनों का आक्रोश
घटना के बाद जिले के पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि—
दर्ज एफआईआर को तत्काल प्रभाव से मजबूत धाराओं में संशोधित किया जाए।
छीरपानी बॉटल और एस.जी. मसाला कंपनी की निष्पक्ष जांच हो।
आरोपी संदीप गुप्ता और गणेश गुप्ता को 24 घंटे में गिरफ्तार किया जाए।
पत्रकार और उनके परिवार की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन ले।
यदि गिरफ्तारी 24 घंटे में नहीं हुई तो जिलेभर के पत्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पत्रकारों ने कहा है कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है और अगर प्रशासन तुरंत कार्रवाई नहीं करता तो इसकी गूंज राष्ट्रीय स्तर पर होगी।

Related posts