छत्तीसगढ़ प्रांत की संस्कृत भारती द्वारा कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पांडातराई नगर में तीन दिवसीय संस्कृत भाषाबोधन वर्ग का आयोजन किया गया

lok sev
IMG-20260114-WA0060
previous arrow
next arrow
छत्तीसगढ़ प्रांत की संस्कृत भारती द्वारा कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पांडातराई नगर में तीन दिवसीय संस्कृत भाषाबोधन वर्ग का आयोजन किया गया है। यह वर्ग फाल्गुन मास कृष्णपक्ष एकादशी से त्रयोदशी तक, दिनांक 13 फरवरी सायं 4 बजे से 15 फरवरी सायं 4 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
इस शिविर का उद्देश्य संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार करना तथा अधिक से अधिक लोगों को संस्कृत में वार्तालाप हेतु प्रशिक्षित करना है। आयोजकों के अनुसार संस्कृत वेदों की भाषा एवं देववाणी है तथा इसे सभी भाषाओं की जननी माना जाता है। वर्तमान समय में तकनीकी क्षेत्र में भी संस्कृत के महत्व को स्वीकार किया जा रहा है।
संस्कृत भारती एक सांस्कृतिक संस्था है, जो संस्कृत को पुनः जन-जन की बोलचाल की भाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था समय-समय पर संस्कृत संभाषण शिविर, शिक्षक प्रशिक्षण शिविर तथा संस्कृत गृह सम्मेलन जैसे विविध कार्यक्रमों का आयोजन करती है।

आयोजनकर्ता श्री रघुनंदन गुप्ता ने बताया कि यह शिविर पांडातराई स्थित गुप्ता सामाजिक भवन में संपन्न हो रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रांत, विभाग एवं जिले के संस्कृत विषय के विद्वान एवं विदूषियों का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। शिविर का संचालन संस्कृत भारती के जिला संयोजक श्री अमित मिश्रा के निर्देशन में किया जा रहा है।
शिविर में विद्यार्थी, गृहिणी, वरिष्ठ नागरिक, कर्मचारी एवं संस्कृत सीखने के इच्छुक विभिन्न वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कुशल प्रशिक्षकों श्री माहेश्वर द्विवेदी एवं श्री रविंद्र चंद्रवंशी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। पंजीयन हेतु गूगल लिंक भी जारी किया गया था।
आज शिविर का द्वितीय दिवस है, जिसमें प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। आयोजकों ने अधिकाधिक लोगों से संस्कृत से जुड़ने और इस प्रकार के आयोजनों में सहभागिता करने का आह्वान किया है।

Related posts