संकुल प्राचार्य नेऊर की धमकी – “सच बाहर आया तो वेतन अंदर कर दूंगा
पंडरिया विकासखंड के संकुल केंद्र नेऊर के प्राचार्य इन दिनों बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। वजह यह नहीं कि शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधरे, बल्कि यह कि संकुल ग्रुप में लिखी बातें सीधे अख़बारों की सुर्खियाँ कैसे बन गईं। निरीक्षण की टीप प्रेस तक पहुँची तो प्राचार्य महोदय ने पूरे संकुल स्टाफ को धमकाते हुए फरमान सुना डाला—
“अगर ग्रुप की कोई भी बात बाहर गई तो एक माह का वेतन रोक दिया जाएगा।”
शिक्षकों ने इस चेतावनी को न केवल हास्यास्पद बताया बल्कि तंज कसा कि “सरकारी आदेश कोई गुप्तचर विभाग की फाइल तो नहीं, जिसे बताने से देश खतरे में पड़ जाए।”
शिक्षा जगत में चर्चा है कि प्राचार्य महोदय शायद भूल बैठे हैं कि वेतन रोकने का अधिकार उनकी निजी जेब में नहीं, बल्कि नियमों में होता है।
हँसी-मज़ाक में तो शिक्षकों ने सुझाव तक दे डाला कि “अगर इतना ही डर है खुलासे का, तो संकुल ग्रुप का नाम बदलकर ‘गोपनीय संकुल समिति’ रख दीजिए।”
अब देखने वाली बात यह होगी कि धमकी काम करेगी या सच और भी तेज़ी से बाहर आएगा।