कुई–कुकदुर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की मांग तेज, आगजनी की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित

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कुई–कुकदुर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की मांग तेज, आगजनी की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित
कवर्धा/पंडरिया। कुई–कुकदुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं को लेकर अब स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता बढ़ने लगी है। क्षेत्र के युवा समाजसेवी अशोक मरावी (महीडबरा) ने प्रशासन से यहां स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
अशोक मरावी का कहना है कि यदि कुई–कुकदुर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है, तो आसपास के लगभग 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को समय पर राहत मिल सकेगी। इससे आग लगने की घटनाओं में होने वाले भारी नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
हाल ही में शुक्रवार को बदना पंचायत के अमलीटोला में एक घर में भीषण आग लग गई थी। उस समय घर के लोग शादी समारोह में बारात गए हुए थे। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने मिलकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती गई। पंडरिया से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन दमकल वाहन करीब 3 घंटे बाद मौके पर पहुंच पाया, तब तक घर पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। महीडबरा, बदना, नेऊर, दमगढ़, अमनिया, पुटपुटा, भाखूर, पंडरीपानी, कामठी, खाम्ही, पोलमी और आगरपानी समेत कई पंचायतों में आग से धान, पैरा, गन्ना और मकान जलकर खाक हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुई–कुकदुर थाना क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा नहीं होने के कारण आग लगने पर तत्काल सहायता नहीं मिल पाती। मुख्यालय से दमकल वाहन पहुंचने में 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है, जिससे आग विकराल रूप ले लेती है और बड़े पैमाने पर नुकसान हो जाता है।
अशोक मरावी सहित क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कुई–कुकदुर क्षेत्र में जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि आपात स्थिति में समय पर राहत पहुंचाई जा सके और जन-धन की हानि को रोका जा सके।

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