जिला कबीरधाम के अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना तरेगांव जंगल में आंगनबाड़ी केंद्र बंजरिहा, ग्राम पंचायत मुड़घुसरी मैदान के तहत नियुक्ति प्रक्रिया में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो क्लिप ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है, जिसमें परियोजना अधिकारी और आपरेटर रामाधार साकत द्वारा मुख्यमंत्री एवं पंडरिया विधायक भावना बोहरा के साथ फोटो दिखाकर आंगनबाड़ी में नियुक्ति के एवज में लाखों रुपये की मांग करते सुना जा रहा है।
कलेक्टर कबीरधाम द्वारा दिनांक 28 जुलाई 2025 को क्रमांक 1312/मबावि/शिका./2025 के तहत जारी आदेश में उक्त नियुक्ति प्रक्रिया में प्रथम नियुक्ति को निरस्त कर नई नियुक्ति को लेकर जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बोड़ला को जांच अधिकारी नियुक्त कर एक सप्ताह में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या भ्रष्टाचार के इस मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है?
प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रीगण कई मंचों से आमजन से अपील करते रहे हैं कि “अगर कोई व्यक्ति हमारे साथ फोटो दिखाकर आपसे पैसे की मांग करता है, तो उसकी कोई आवश्यकता नहीं है”, लेकिन तरेगांव जंगल परियोजना के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने ठीक इसके विपरीत आचरण करते हुए फोटो और प्रभाव का गलत उपयोग किया।
यह मामला शासन की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और महिला एवं बाल विकास विभाग की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। आंगनबाड़ी जैसे संवेदनशील और सामाजिक आधार वाली योजनाओं में इस प्रकार की धांधली न केवल जनहित के साथ विश्वासघात है, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का जीता-जागता उदाहरण भी बन चुका है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में किस हद तक पारदर्शिता और सख्ती बरतता है, और क्या दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा।


