पटवारी ने सर्वे का जिम्मा अनप्रशिक्षित सर्वेयर को सौंपा नेऊर हल्के के सैकड़ों किसान धान खरीदी से वंचित होने की कगार पर

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पटवारी ने सर्वे का जिम्मा अनप्रशिक्षित सर्वेयर को सौंपा नेऊर हल्के के सैकड़ों किसान धान खरीदी से वंचित होने की कगार पर
भौतिक सत्यापन में फसल गलत दर्ज, किसानों ने जताई नाराज़गी — अब दावा-आपत्ति की तैयारी
कुकदुर तहसील के नेऊर हल्के से जुड़े ग्राम नेऊर और कुशियारी के सैकड़ों किसानों के सामने इस वर्ष धान विक्रय का संकट खड़ा हो गया है।
कारण यह कि DCS पोर्टल में भौतिक सत्यापन के दौरान गलत फसल प्रविष्ट कर दी गई, जबकि खेतों में किसानों ने धान की खेती की है।
ग्राम के किसान संतराम, नोहर परस्ते, केदारनाथ, लखन, मेघनाथ, शिवराम सहित अनेकों किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में धान की बुआई की थी,
परंतु पटवारी की अनुपस्थिति में एक अप्रशिक्षित सर्वेयर द्वारा ऑनलाइन सर्वेक्षण किया गया।
पटवारी ने इतने जिम्मेदारी भरे कार्य को उसी सर्वेयर के भरोसे छोड़ दिया,
जो न तो प्रशिक्षित है और न ही राजस्व प्रक्रिया की जानकारी रखता है।
किसानों का आरोप है कि पटवारी के अधिकांश कार्य उसी सर्वेयर के माध्यम से किए जा रहे हैं,
जिससे लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
इस बार तो गलती इतनी बड़ी हो गई कि सैकड़ों किसान DCS पोर्टल में “अन्य फसल” के रूप में दर्ज हो गए,
जबकि खेत में पूरी तरह धान की फसल खड़ी है।
किसानों ने कहा कि इस कारण वे इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच सकेंगे।
यह पूरा इलाका शत-प्रतिशत आदिवासी बहुल क्षेत्र है,
जहाँ अधिकांश किसान छोटे जोत के हैं और धान की बिक्री ही उनकी प्रमुख आय का साधन है।
अब सभी प्रभावित किसान सामूहिक रूप से अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं।
उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन पुनः कराकर सुधार कराया जाए,
ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार, ऐसे प्रकरण अन्य ग्रामों से भी सामने आए हैं।
विभाग द्वारा सभी शिकायतों की सूची बनाकर राज्य मंत्रालय (नवा रायपुर) को भेजी जा रही है,
जहाँ से DCS पोर्टल में फसल सुधार की अनुमति जारी की जाएगी।

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