सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के खेल का पर्दाफाश – महिला सूदखोर अमीना ताज और उसके सहयोगी राकेश साहू पर FIR दर्ज

lok sev
IMG-20260114-WA0060
previous arrow
next arrow
सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के खेल का पर्दाफाश – महिला सूदखोर अमीना ताज और उसके सहयोगी राकेश साहू पर FIR दर्ज
दोनों को कबीरधाम पुलिस ने किया गिरफ्तार
50 हजार का कर्ज बना 6 लाख का बोझ!
ब्लैंक चेक से ब्लैकमेलिंग और धमकी का खेल उजागर झूठे मामलों में फंसाने और फर्जी तरीके से पुलिस में ऊंची पहुंच होना दिखाकर धमकी देकर करती थी प्रताड़ित
जिस पुलिस में ऊंची पहुंच होने का करती थी झूठा दिखावा उसी पुलिस के गिरफ्तार कर जेल भेजने पर झूठ की खुली पोल कबीरधाम पुलिस ने पीड़ितों को दिलाई राहत, अमीना ताज और सहयोगी पर कसा शिकंजा!
लंबे समय से सूदखोरी और धमकी के मामलों में संलिप्त अमीना ताज निवासी कवर्धा एवं उसके सहयोगी ड्राइवर राकेश साहू के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 410/2025 धारा 308(2), 351(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धारा 4 ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ितों ने बताया कि अमीना ताज जरूरतमंद लोगों को रकम देकर उस पर कई गुना अत्यधिक ब्याज वसूलती थी। प्रार्थी ने मात्र 50 हजार रुपये का कर्ज लिया, जिस पर उसने करीब 6 लाख रुपये वसूल लिए, फिर भी ब्लैंक चेक के सहारे लगातार धमकी और ब्लैकमेल किया जाता रहा। रकम न देने पर गाली-गलौज, मारपीट, सामाजिक अपमान और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
उसका सहयोगी राकेश साहू लोगों के घर जाकर जबरदस्ती वसूली करता था और मारपीट व धमकी देकर आतंक का माहौल फैलाता था। हाल ही में वायरल एक ऑडियो में अमीना ताज एक पीड़ित को यह कहकर धमका रही थी कि यदि कोई उसके खिलाफ थाना में आवेदन देगा, तो FIR तो दूर, उसका आवेदन तक स्वीकार नहीं होगा। इस प्रकार वह पुलिस और कानून से ऊपर होने का झूठा भय दिखाकर लोगों का शोषण कर रही थी।
पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनके घर और कार्यालय में दबिश दी। दबिश के दौरान उधारी लेनदेन के कागजात और पीड़ितों द्वारा हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, लेनदेन संबंधी रजिस्टर एवं अन्य सामग्री बरामद की गई है, जिसकी जांच जारी है। इससे उनके सूदखोरी और अवैध गतिविधियों का और बड़ा जाल सामने आने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त अमीना ताज के खिलाफ प्राप्त अन्य चार प्रार्थियों के आवेदन भी जांच में शामिल किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक श्री कृष्णा चंद्राकर के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली की टीम ने तत्काल संज्ञान लेकर दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया और कानूनी कार्रवाई प्रारंभ क दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में रिमांड हेतु पेश कर दिया गया है। उक्त कार्यवाही में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, उप निरीक्षक श्रीमती शालिनी वर्मा, ASI संजीव तिवारी, बंदे सिंह मरावी, राजकुमार चंद्रवंशी, एवं साइबर सेल टीम व थाना कोतवाली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस स्पष्ट करती है कि किसी भी अपराधी की यह धमकी कि *“पुलिस उसका कुछ नहीं कर सकती”* या *”पुलिस में उसकी ऊपर तक पहुंच है उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी”* पूरी तरह निराधार है। पुलिस हर आवेदन और शिकायत को गंभीरता से दर्ज करती है और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करती है। जनता को डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है।
इसके साथ ही, पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी स्थिति में अवैध सूदखोरों से कर्ज न लें। ऋण की आवश्यकता होने पर केवल अधिकृत बैंक या सहकारी संस्थाओं से ही ऋण लेना उचित और सुरक्षित है।
इसके अलावा जिले के कुछ अन्य सूदखोरों के खिलाफ भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पर्याप्त आधार मिलने पर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
*कबीरधाम पुलिस हर पीड़ित को न्याय दिलाने और हर अवैध सूदखोर को कानून के शिकंजे में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।*

Related posts