पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में प्रवीण्य सूची में 10वां स्थान हासिल कर यशवंत टंडन ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
पंडरिया सुदूर वनांचल क्षेत्र पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम डालामौहा निवासी होनहार छात्र यशवंत टंडन ने एक बार फिर अपने परिश्रम और लगन से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, कोनी-बिस्कोना मार्ग, बिलासपुर द्वारा जारी प्रवीण्य सूची में यशवंत टंडन ने प्रदेश स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ के टॉप 10 में अपना नाम दर्ज कराया है।
वनांचल जैसे दूरस्थ क्षेत्र से निकलकर राज्य स्तरीय प्रवीण्य सूची में स्थान बनाना न केवल यशवंत की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे पंडरिया ब्लॉक और ग्राम डालामौहा के लिए गर्व का विषय बन गया है। संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद उन्होंने निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
यशवंत ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी जन्मदायिनी मां और जगत जननी मां के आशीर्वाद को दिया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के त्याग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। साथ ही उन्होंने अपने गुरुजनों और मित्रों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह सफलता एक प्रेरणास्रोत के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने यशवंत टंडन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गांव में हर्ष का माहौल है और लोग इसे पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि मान रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वनांचल क्षेत्रों से निकलकर इस प्रकार की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि यदि दृढ़ निश्चय और परिश्रम हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। यशवंत की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
प्रदेश की प्रवीण्य सूची में 10वां स्थान प्राप्त कर यशवंत टंडन ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा या शहर की मोहताज नहीं होती। सही दिशा, मेहनत और आशीर्वाद से सुदूर गांव का छात्र भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।