60 साल से किराए के भवन में कवर्धा डाकघर, सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

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राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय ने कवर्धा में मुख्य डाकघर के लिए भवन की अनुपलब्धता का मामला लोकसभा में उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र राशि स्वीकृत कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

सांसद पांडेय ने सदन में कहा कि कवर्धा का मुख्य डाकघर पिछले 60 वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रहा है। वर्तमान में यह छीरपानी कॉलोनी स्थित आरटीओ कार्यालय के ऊपर संचालित है, जहां हर माह ₹8,130 किराए का भुगतान करना पड़ता है। जिले में 98 शाखा डाकघर कार्यरत हैं, लेकिन जिला मुख्यालय का मुख्य डाकघर अब तक अस्थायी भवन में संचालित हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को असुविधा हो रही है।

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि डाकघर के लिए आदर्श नगर में 26 डिसमिल भूमि आवंटित हो चुकी है, लेकिन अब तक वहां भवन निर्माण नहीं किया गया है। इस कारण कार्यालय संचालन में परेशानियां हो रही हैं और डाक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

137 वर्षों से जारी है डाक सेवा, लेकिन भवन का अभाव

सांसद संतोष पांडेय ने भारतीय डाक सेवा के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए बताया कि 1 अक्टूबर 1854 को भारतीय डाक विभाग की स्थापना हुई थी। कवर्धा के ऐतिहासिक संदर्भों में भी साल 1925 के अष्टराज अंभोज में कवर्धा और दशरंगपुर में डाकघर का उल्लेख मिलता है। बजट में साल 1888 में डाक तार व्यवस्था के लिए राशि स्वीकृत की गई थी। यानी पिछले 137 वर्षों से कवर्धा में डाक सेवा जारी है, लेकिन स्थायी भवन की सुविधा अब तक नहीं मिल सकी है।

जल्द हो भवन निर्माण की स्वीकृति सांसद पांडेय

सांसद पांडेय ने लोकसभा में केंद्र सरकार से मांग की कि कवर्धा में मुख्य डाकघर के भवन निर्माण के लिए जल्द से जल्द बजट स्वीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी भवन बनने से डाकघर का सुचारू संचालन होगा और जिलेवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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