पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी की तैयारियों पर असर की आशंका, सरकार तत्काल निकाले समाधान : कृष्णा पुसाम

lok sev
previous arrow
next arrow
पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी की तैयारियों पर असर की आशंका, सरकार तत्काल निकाले समाधान : कृष्णा पुसाम
किसानों का पंजीयन, गिरदावरी सुधार और फार्मर आईडी से जुड़े कार्य प्रभावित होने की चिंता, लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने की मांग
कवर्धा, 22 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल के चलते आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम ने चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार से पटवारी संघ के साथ तत्काल संवाद कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कृष्णा पुसाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसानों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। किसान पूरे साल मेहनत करके धान की फसल तैयार करते हैं और खरीदी केंद्रों में उपज बेचकर अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करते हैं। ऐसे में धान खरीदी से पहले किसानों का पंजीयन, गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर आईडी तथा राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों का सुधार समय पर होना आवश्यक है। पटवारियों की हड़ताल के कारण इन कार्यों में बाधा आने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित कई कार्य किसानों के पंजीयन और धान विक्रय की प्रक्रिया से जुड़े होते हैं। फौती, नामांतरण, बंटवारा और भूमि संबंधी रिकॉर्ड में त्रुटियों का समय पर निराकरण नहीं होने से किसानों को परेशानी हो सकती है। यदि इन प्रकरणों का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो कुछ किसानों का पंजीयन अटकने या धान बेचने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
पुसाम ने कहा कि राज्य सरकार को पटवारी संघ की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण कर हड़ताल समाप्त कराने की पहल की जानी चाहिए, ताकि राजस्व संबंधी कामकाज सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा का खामियाजा किसानों को नहीं भुगतना पड़ना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों, लंबित नामांतरण, फौती और बंटवारे जैसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। इसके साथ ही फार्मर आईडी और एग्री-स्टैक पोर्टल से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसानों को पंजीयन के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कृष्णा पुसाम ने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और तकनीकी समस्याओं के समाधान में प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को समय पर जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है, जिससे वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन और अन्य आवश्यक कार्य पूरे कर सकें।
उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए अन्न पैदा करते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए प्रशासनिक अव्यवस्था या तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
पुसाम ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए आदिवासी कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पटवारियों की हड़ताल का जल्द समाधान कर धान खरीदी की तैयारियों को सुचारु बनाया जाए, ताकि प्रदेश के किसी भी किसान को अपनी मेहनत की उपज बेचने में परेशानी न हो।

Related posts