महिलाओं के संवाद, संस्कृति और सशक्तिकरण का मंच बना ‘नारी शक्ति संवाद’, हरेली-सावन मिलन में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति
रायपुर, 14 अगस्त 2026। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में एस.एस. वूमेन क्लब के तत्वावधान में ‘नारी शक्ति संवाद’ एवं हरेली-सावन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकपरंपराओं पर आधारित इस आयोजन में विश्वविद्यालय की महिला शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने कहा कि महिलाएं समरूपता, संबंध, समाधान और सौंदर्य का स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं जहां होती हैं, वहां आसपास की चीजों को व्यवस्थित और सुंदर बनाने का प्रयास करती हैं। समाज और संस्थान के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय एवं अग्रणी भूमिका जरूरी है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में एस.एस. वूमेन क्लब का गठन किया गया है, जो महिलाओं को संवाद और सहयोग के माध्यम से स्वयं के विकास के साथ विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करेगा।
कुलपति ने कहा कि क्लब महिलाओं को अपनी प्रतिभा, अनुभव और क्षमताओं को साझा करने के लिए सार्थक मंच देगा। इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास, रचनात्मकता, सामाजिक सरोकार और आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम की विशेष अतिथि काठाडीह ग्राम की सरपंच श्रीमती त्रिवेणी साहू ने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता और सामाजिक जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए गांव में चलाए जा रहे नशा-मुक्ति अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम काठाडीह को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार जागरूकता और सामुदायिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में कुलपति की पत्नी श्रीमती लिली दयाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्हें प्रथम महिला के रूप में विशेष सम्मान एवं आत्मीय सहभागिता के साथ शामिल किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं एस.एस. वूमेन क्लब की अध्यक्ष डॉ. नीति ताम्रकार ने क्लब की प्रस्तावना और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्लब का उद्देश्य विश्वविद्यालय की महिला शिक्षकों एवं कर्मचारियों को ऐसा साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने अनुभव, विचार और प्रतिभाओं को साझा करते हुए व्यक्तिगत एवं संस्थागत विकास में सहभागी बन सकें।
इस अवसर पर एस.एस. वूमेन क्लब के लोगो का विमोचन भी किया गया। क्लब की पहचान ‘शक्ति, संवेदना और स्वाभिमान’ की भावना पर आधारित है।
समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकपरंपराओं की झलक देखने को मिली। हरेली-सावन मिलन के माध्यम से प्रदेश की लोकसंस्कृति, हरियाली, प्रकृति और सामुदायिक सौहार्द को अभिव्यक्त किया गया। आयोजन के दौरान वृक्षारोपण कर एस.एस. वूमेन क्लब की नींव रखी गई। इसे महिला सशक्तिकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति क्लब की प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनामिका शर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन ने महिलाओं के बीच संवाद, सहयोग और सहभागिता की नई शुरुआत करते हुए विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का रूप लिया।