पंडरिया एकीकृत बाल विकास परियोजना में गजब का कारनामा, पर्यवेक्षको का कार्यकर्ताओं के घर का किरायनामा

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कबीरधाम जिले में लगभग सत्रह सौ से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र संचालित है। जो नौ परियोजनाओं के 63 सेक्टर में विभाजित हैं। एक पर्यवेक्षक को 25-30 आंगनबाड़ी केंद्रों का सेक्टर बनाकर नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी जाती है । जिसके लिए मुख्यालय तय किया है और वहीं निवास करते हुए अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करना होता हैं साथ ही उनका यात्रा भत्ता भी वही से बनाया जाता हैं । एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत कार्यरत पर्यवेक्षकों को शहरी मोह होने के कारण अपने अधीनस्थ कार्यकर्ताओं के घर का किरायनामा देकर उच्चाधिकारियों को बेवकूफ बना रहे हैं और उनके कार्यशैली से कार्यकर्ताओं अवगत हैं। कार्यकर्ताओं को पता है कि मैडम मुख्यालय में निवास नहीं करती तो दौरा में सही पर नहीं आ सकती।

शहरीकरण का लगा हवा 

एकीकृत बाल विकास परियोजना पंडरिया अंतर्गत कार्यरत सुपरवाइजरों को शहरीकरण का हवा लग गया है जहां पर अपने परिवार के साथ निवास करते हैं जबकि शासन के नियमानुसार उन्हें मुख्यालय में निवास कर पदीय दायित्वों का निर्वहन करना होता हैं लेकिन ऐसा नहीं हो रहा हैं। जिसके चलते आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा हैं। 

कार्यकर्ता के घर किरायनामा

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार पंडरिया परियोजना अंतर्गत सेक्टर मुख्यालय कापादह की पर्यवेक्षक अशोक बांधकर के मकान पर किराया में निवासरत है जबकि मकान मालिक का पत्नी आंगनबाड़ी केंद्र 03 में कार्यकर्ता है । कापादह से लगी हुई दुल्लापुर की पर्यवेक्षक अन्नू पाण्डेय ग्राम दुल्लापुर (बाजार)के घर में किराए से निवासरत है ।मकान मालिक की पत्नी केंद्र क्रमांक 02 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है । ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार सेक्टर पर्यवेक्षक पंडरिया में अपने परिवार के साथ रहती हैं और वहीं से आना जाना करती है ।

नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन नहीं

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ – सहायिकाओं को पता है कि मैडम मुख्यालय नहीं बल्कि विकासखंड मुख्यालय में निवास करती हैं और वहीं से दौरा करती है जिसका भरपूर लाभ उठाते हुए शासन द्वारा निर्धारित समय पर केंद्र नहीं खुल पाते और समय से पहले बंद कर दिया जाता हैं । आंगनवाड़ी केंद्र संचालन की गतिविधियों से संबंधित जानकारी आनलाइन हो गया है जिसका घर बैठे निगरानी भी मैडम के द्वारा कर लिया जाता हैं। पर्यवेक्षकों के बच्चे मुख्यालय के बजाए ब्लाक मुख्यालय के स्कूलों में अध्ययनरत हैं। 

जांच की आवश्यकता 

आंगनबाड़ी केंद्र संचालन से जुड़े सक्षम अधिकारियों को आकस्मिक जांच करना चाहिए साथ साथ मुख्यालय निवास से संबंधित पर जांच करने की आवश्यकता है । जांच करने से अधिकांश लोगों के ऊपर कार्यवाही होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

पंडरिया एकीकृत बाल विकास परियोजना में गजब का कारनामा, पर्यवेक्षको का कार्यकर्ताओं के घर का किरायनामा

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