सागौन और हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर जप्त, राजसात की प्रक्रिया शुरू
कवर्धा, 11 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल अंतर्गत वन अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर सर्किल क्षेत्र में अवैध रूप से वनोपज का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर और कीमती लकड़ी जप्त की गई है।
जानकारी के अनुसार 6 मार्च 2026 की रात करीब 11:45 बजे पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर सर्किल अंतर्गत संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पीएफ/1467 में गश्त के दौरान वन विकास निगम की टीम ने डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा जाने वाले कच्चे मार्ग पर बिना नंबर प्लेट के एक संदिग्ध ट्रैक्टर को आते देखा। टीम ने घेराबंदी कर वाहन की तलाशी ली तो उसमें राष्ट्रीयकृत वनोपज सागौन और हल्दू की लकड़ी भारी मात्रा में लदी मिली, जिसका परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था।
इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18353/12, दिनांक 6 मार्च 2026 दर्ज कर ट्रैक्टर सहित वनोपज जप्त कर लिया गया।
जप्त सामग्री का विवरण
कार्रवाई के दौरान 1 नग स्वराज ट्रैक्टर (अनुमानित कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये), सागौन के 4 नग लट्ठा व बल्ली (लगभग 0.128 घन मीटर), हल्दू के 12 नग लट्ठा व बल्ली (लगभग 0.289 घन मीटर) तथा अन्य लकड़ी के लट्ठा-बल्ली (लगभग 0.250 घन मीटर) जप्त किए गए। जप्त वनोपज का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 40 हजार रुपये आंका गया है।
राजसात की प्रक्रिया प्रारंभ
मंडल प्रबंधक ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया द्वारा प्राधिकृत अधिकारी एवं उपमंडल प्रबंधक कवर्धा को अवगत कराया गया। इसके बाद माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को सूचना भेजते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के तहत जप्त वाहन को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही वाहन की जप्ती की जानकारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेज दी गई है ताकि वाहन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण न हो सके।
यह कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन और दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में जागेश गोंड (परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया), रंजीत कुमार पटेल (सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), जसपाल सिंह मरकाम (क्षेत्ररक्षक) तथा स्थानीय सुरक्षा श्रमिकों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।