विधानसभा में गूंजा पंडरिया क्षेत्र का मुद्दा: विधायक भावना बोहरा ने उठाए शिक्षा और कुटीर उद्योग से जुड़े सवाल
पंडरिया। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में क्षेत्र से जुड़े जनहित के अहम मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए शासकीय विद्यालयों की बदहाल स्थिति, छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं की कमी और शिक्षकों की भारी कमी पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रश्न किए।
विधायक बोहरा ने सदन में सवाल उठाया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने लिखित उत्तर में बताया कि क्षेत्र में शौचालय विहीन स्कूलों की पहचान की जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार कवर्धा विकासखंड में 9, सहसपुर लोहारा में 27 और पंडरिया विकासखंड में 129 विद्यालयों में शौचालय नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में शौचालय निर्माण और अन्य सुविधाएं बजट उपलब्धता के आधार पर स्वीकृत की जाती हैं।
विधायक ने विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि क्या इनकी स्थिति का सर्वे कराया गया है। इस पर मंत्री ने बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूल भवनों का कोई सर्वेक्षण या निरीक्षण नहीं कराया गया है, जिससे स्थिति का स्पष्ट आंकलन उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा विधायक भावना बोहरा ने परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर भी सरकार से सवाल किया। मंत्री ने जवाब में बताया कि अलग से कोई विशेष योजना नहीं है, लेकिन विभाग के अंतर्गत कई योजनाएं संचालित हैं, जैसे—समग्र हाथकरघा विकास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, कुम्भकार टेराकोटा योजना सहित अन्य योजनाएं।
उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले में वर्तमान में 1 बुनकर सहकारी समिति, 1 रेशम कृमिपालन समूह और 17 कुम्हार पंजीकृत हैं। पिछले दो वर्षों में कुम्भकार टेराकोटा योजना के तहत सहसपुर-लोहारा विकासखंड के 3 कुम्भकारों को मुफ्त विद्युत चाक वितरित किए गए, जिस पर 65 हजार रुपये खर्च किए गए।
विधायक बोहरा ने जिले में एकल शिक्षकीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई। मंत्री ने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले में कुल 14 एकल शिक्षकीय विद्यालय संचालित हैं—जिनमें बोड़ला में 9, पंडरिया में 3 और सहसपुर क्षेत्र में 2 विद्यालय शामिल हैं। साथ ही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से जिले के 276 विद्यालय प्रभावित हुए हैं।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिल सके।