भेड़ागढ़ में तेंदूपत्ता सीजन शुरू, ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा रोजगार अवसर

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भेड़ागढ़ में तेंदूपत्ता खरीदी शुरू: “वन है तो जीवन है, तेंदूपत्ता है तो रोजगार”
वनांचल क्षेत्र के ग्राम भेड़ागढ़ में वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इसको लेकर वन विभाग और संबंधित समिति द्वारा सभी संग्राहकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण इस क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए रोजगार का प्रमुख साधन है, इसलिए इस बार भी बड़ी संख्या में लोग इस कार्य से जुड़ने जा रहे हैं।
निर्धारित दरों के अनुसार इस वर्ष तेंदूपत्ता की कीमत प्रति गड्डी ₹5.50 तय की गई है, जबकि 100 गड्डियों (एक सैकड़ा) का मूल्य ₹550 रखा गया है। वहीं एक मानक बोरा ₹5500 में खरीदा जाएगा। इन दरों से ग्रामीणों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।
संग्रहण कार्य को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तेंदूपत्ता केवल निर्धारित मानकों के अनुसार ही तोड़ा जाए। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि खरीदी के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। साथ ही संग्राहकों को समय पर पत्तों का संग्रहण और फड़ पर जमा करना अनिवार्य बताया गया है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां भी बताई गई हैं। रात के समय जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। बच्चों और बुजुर्गों को जंगल न ले जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा घने और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने तथा वन्यजीवों जैसे तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर और हाथी वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संग्राहकों को केवल पके हुए हरे पत्तों की ही तोड़ाई करने को कहा गया है। लाल, मुलायम, फटे, दागदार या छेद वाले पत्तों को गड्डी में शामिल नहीं किया जाएगा। प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते होना अनिवार्य है, अन्यथा उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। गिनती के लिए 10-10 गड्डियों के चट्टे बनाकर फड़ पर प्रस्तुत करना जरूरी होगा।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि गिनती रात में नहीं की जाएगी और छोटे बच्चों को गड्डी गिनवाने के लिए नहीं भेजा जाए। साथ ही पेड़ों को नुकसान न पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
“वन है तो जीवन है” के संदेश के साथ ग्रामीणों से जिम्मेदार संग्राहक बनने और जंगल व वन्यजीवों की रक्षा करने का आह्वान किया गया है।

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