कुकदूर में किसानों की रैली, भारतीय किसान संघ ने तहसीलदार को सौंपा 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

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कुकदूर में किसानों की हुंकार: भारतीय किसान संघ ने निकाली रैली, 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
कुकदूर, 16 सितंबर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बुधवार को भारतीय किसान संघ तहसील इकाई कुकदूर के नेतृत्व में किसानों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली के बाद किसान संघ के प्रतिनिधियों और क्षेत्र के किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुकदूर तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के किसानों से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए शासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से रैली निकाली गई। प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष रोहित पटेल, महामंत्री नारद यादव, मंत्री बाल्मिकी पटेल एवं विद्युत मंत्री हेमंत सिंह मरकाम सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
ज्ञापन में गोवंश संरक्षण और गोवर्धन योजना को प्रदेश में लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। साथ ही ‘जी-राम-जी’ योजना को गो संरक्षण से जोड़ने की मांग की गई। किसानों ने धान खरीदी वर्ष 2022-23 की बकाया करीब 1700 करोड़ रुपये की राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग भी उठाई।
किसान संघ ने कृषक उन्नति योजना में सुधार करते हुए केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य की 800 रुपये प्रति एकड़ राशि को योजना में जोड़ने तथा सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी योजना का लाभ देने की मांग की। इसके अलावा धान खरीदी की समय-सीमा 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने और प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम का स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की गई।
किसानों ने एग्रीस्टैक पंजीयन में आ रही समस्याओं को दूर करने, सभी खातेदारों का अनिवार्य पंजीयन करने तथा टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। बड़े किसानों को पांच तथा लघु एवं सीमांत किसानों को क्रमशः तीन और दो टोकन देने और जबरन खाता समर्पण की प्रक्रिया बंद करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
इसके अलावा गन्ने के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर उसे कृषक उन्नति योजना में शामिल करने, पंडरिया विकासखंड में हाफ नदी पर निर्माणाधीन बकेला व्यपवर्तन नाली विस्तार को सूखाग्रस्त गांवों तक आगे बढ़ाने के लिए राज्य बजट में स्वीकृति देने की मांग की गई।
किसान संघ ने विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने तथा बाजार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। भूमि अधिग्रहण में ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’ के अनुसार कार्य करने तथा नामांकन, बटांकन, सीमांकन और किसान किताब दुरुस्ती जैसे राजस्व कार्यों में लापरवाही एवं अवैध मांग पर रोक लगाने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि ज्ञापन में शामिल मांगों पर शासन स्तर से शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर भारतीय किसान संघ आगे आंदोलन को तेज करने के लिए बाध्य होगा।

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