27वें स्थापना दिवस पर आस्था समिति का मंथन, सामाजिक बदलाव पर जोर

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27वें स्थापना दिवस पर आस्था समिति का मंथन, सामाजिक बदलाव पर जोर
कवर्धा। आस्था समिति के 27वें स्थापना दिवस पर ‘मंथन’ थीम पर आयोजित किया गया, संस्था प्रमुख दौलत राम कश्यप ने संस्था के कार्य के बारे मे विस्तारपूर्वक बताया गया, कार्यशाला में शिक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक एकजुटता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न समाजों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने समाज को पिछड़ेपन से निकालकर प्रगतिशीलता की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यशाला में सतनामी समाज के प्रमुख रामप्रसाद मिरी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु भोज जैसी सामाजिक परंपराओं में बदलाव के लिए टकराव के बजाय संवाद और पीड़ित परिवारों को सहयोग देने की बात कही। वहीं, सर्व यादव समाज के प्रमुख ओम यदु ने शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकता को विकास का आधार बताया।
कार्यक्रम में डॉ. ऋचा मिश्रा, नरेंद्र कुलमित्र, सहायक प्राध्यापक असित कुमार मिश्रा, रमेश देवांगन, नरेंद्र देवांगन, ओम यदु, रामप्रसाद मिरी एवं इतवारी मछिया ने अपने विचार रखे।
कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन, सामाजिक सहयोग और राजनीतिक भागीदारी ही सशक्त एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण के प्रमुख आधार हैं। आस्था समिति की इस पहल का उद्देश्य विभिन्न समाजों को एक मंच पर लाकर सामाजिक बदलाव के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम मे वरिष्ठ पत्रकार भुवन पटेल, राजेश गोयल, उमाशंकर कश्यप, महेश निर्मलकर, ललित सिन्हा एवं संस्था के कार्यकर्त्ता की उपस्थिति रही।

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