पंडरिया में ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ का शुभारंभ, अब सरकारी स्कूलों के बच्चे सीखेंगे AI, ड्रोन और रोबोटिक्स
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को दिखाई हरी झंडी, हर साल 5 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
रायपुर/पंडरिया। पंडरिया विधानसभा के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विधायक भावना बोहरा की पहल “भावना दीदी की साइंस पाठशाला” का शुभारंभ विधानसभा परिसर, अटल नगर नवा रायपुर में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह मोबाइल साइंस लैब पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय एवं सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों तक पहुंचेगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 5,000 छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने कहा कि अब पंडरिया के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी ड्रोन उड़ाएंगे, रोबोट संचालित करेंगे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग सीखेंगे और भविष्य की नई संभावनाओं के लिए स्वयं को तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल तकनीक सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास पैदा करना है, ताकि वे भविष्य में वैज्ञानिक, इंजीनियर, शोधकर्ता और नवाचारकर्ता बन सकें।
पहले चरण में पाँच अनुभवी शिक्षकों की टीम द्वारा कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए तीन से पांच दिनों की निःशुल्क कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि गांवों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता है। मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।



