लगातार बढ़ रही बिजली दरों से आमजन परेशान, बढ़ोतरी वापस लेने की मांग ग्रामीणों को नहीं मिल रही नियमित बिजली, फिर भी बढ़ रहा बिल: अशोक मरावी
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मरावी ने सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के गठन के ढाई वर्षों के भीतर चौथी बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है, जिससे आम जनता, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अशोक मरावी ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ रही है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी से लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई गांवों में तीन-चार दिन तक बिजली बंद रहती है और महीने में लगभग आधे समय ही नियमित बिजली मिल पाती है, इसके बावजूद उपभोक्ताओं को पूरे महीने का बिजली बिल चुकाना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांव-गांव में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कई गुना वृद्धि देखने को मिल रही है। मजदूर और किसान वर्ग पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बढ़े हुए बिजली बिल का भुगतान करना उनके लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
अशोक मरावी ने कहा कि 1 जुलाई से प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि लागू होने पर आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है जो महंगाई की मार झेल रहा है।
उन्होंने आम जनता से भी इस मुद्दे पर जागरूक होने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की। उनका कहना है कि यदि समय रहते बिजली दर वृद्धि पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन पर पड़ेगा।