भुवन पटेल बने छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, निष्पक्ष पत्रकारिता को मिला मजबूत नेतृत्व
कवर्धा/रायपुर। छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता जगत के लिए यह एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण है। छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी की सहमति से भुवन पटेल को कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी यह नियुक्ति उनके दीर्घ अनुभव, निष्पक्ष सोच और जनहित में की गई निर्भीक पत्रकारिता का सम्मान मानी जा रही है।
भुवन पटेल ने हमेशा समाज के जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता दी है। ग्रामीण अंचलों की समस्याएं, किसानों की पीड़ा, युवाओं की अपेक्षाएं और आम नागरिकों से जुड़े प्रशासनिक विषय—इन सभी को उन्होंने तथ्यात्मक और संतुलित ढंग से उठाया है। उनकी साफ-सुथरी छवि और निष्पक्ष कार्यशैली ने उन्हें पत्रकारिता जगत में विशेष पहचान दिलाई है। वे सदैव जनमानस की आवाज बनकर सामने आए हैं और बिना किसी दबाव या पक्षपात के सच्चाई को सामने लाने का कार्य किया है।
कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति से संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, संगठनात्मक एकजुटता और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने में उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भुवन पटेल की कार्यशैली यह दर्शाती है कि पत्रकारिता उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।
उनकी नियुक्ति पर पत्रकार साथियों में उत्साह का माहौल है। कबीरधाम जिला अध्यक्ष श्याम टंडन, सहसपुर लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष उमेश छेदावी,पंडरिया ब्लॉक अध्यक्ष टीकम चंद जैन,जिला सचिव दुजराम यादव,जिला कोषाध्यक्ष गुरुदीप सिंह,जिला सचिव विकास शुक्ला,रविन्द्र शुक्ल,सहसपुर लोहारा ब्लॉक उपाध्यक्ष टिकेश्वर साहू ब्लॉक सचिव तोरण छेदावी,ब्लॉक कोषाध्यक्ष संदीप मानिकपुरी, राजा श्रीवास्तव,पंडरिया ब्लॉक उपाध्यक्ष सूरज चंद्राकर,पंडरिया कोषाध्यक्ष रवि सकेत, सूरज यादव,हरेंद्र चंद्राकर, कुंजबिहारी भुवाल,कालू सलूजा,बोड़ला ब्लॉक से जगदम्बिका साहू,संभागीय अध्यक्ष गौरी शंकर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सोन कुमार सिन्हा,सहित अन्य पत्रकारों ने खुशी जाहिर करते हुए भुवन पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
भुवन पटेल की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता की जीत भी है।