उपस्वास्थ्य केंद्र 15 दिनों से बंद, ग्रामीणों ने प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम से लगाई गुहार

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उपस्वास्थ्य केंद्र 15 दिनों से बंद, ग्रामीणों ने प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम से लगाई गुहार
पंडरिया। पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र सेंदुरखार-भाखुर में प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्याएं सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र सेंदुरखार पिछले लगभग 15 दिनों से बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दौरे के दौरान कृष्णा पुसाम ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से कर्मचारियों की अनुपस्थिति और केंद्र बंद रहने की शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सेंदुरखार और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए यह उपस्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक उपचार का प्रमुख माध्यम है। केंद्र बंद रहने से सामान्य बीमारी, बुखार, सर्दी-खांसी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए भी लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग की है।
प्रदेश सचिव कृष्णा पुसाम ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से किसी भी ग्रामीण क्षेत्र को वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि उपस्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से बंद है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की मांगों और शिकायतों को संबंधित विभाग तथा जिला प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा ताकि उपस्वास्थ्य केंद्र को शीघ्र संचालित किया जा सके और क्षेत्रवासियों को नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द ही उपस्वास्थ्य केंद्र फिर से संचालित होगा और क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

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