समीक्षा बैठक से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर, शिक्षकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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समीक्षा बैठक से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर, शिक्षकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कामठी (कबीरधाम)। संकुल प्राचार्य केंद्र कामठी के अंतर्गत संकुल मुनमुना एवं चियांडांड के समस्त प्रधान पाठकों की संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन कामठी में किया गया। बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, शत-प्रतिशत छात्र प्रवेश सुनिश्चित करना तथा शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद संस्था प्राचार्य श्रीमती हेमलता टंडन ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उपस्थित संस्था प्रमुखों ने भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड स्रोत समन्वयक राममुरारी यादव का स्वागत किया।
बैठक को संबोधित करते हुए खंड स्रोत समन्वयक राममुरारी यादव ने कहा कि “जब तक बच्चे हैं, तब तक हम हैं।” उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों का वातावरण ऐसा बनाया जाए कि बच्चे आकर्षित हों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें। उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे निशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल एवं छात्रवृत्ति का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर ने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षा में सुधार और समाज में जागरूकता लाने में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने शिक्षकों से सकारात्मक सोच, उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यालय का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुरूप होना चाहिए।
बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पाठ्यक्रम संचालन, इमला, पठन-पाठन, लेखन अभ्यास, पहाड़ा, समय-सारिणी, दैनंदिनी लेखन, स्वच्छता, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, शिक्षक दर्पण, शाला भवन की व्यवस्था, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण तथा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संस्था प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और ईमानदारी से किया गया कार्य ही सफलता की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा रूपी इस महान दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में संकुल मुनमुना एवं चियांडांड के शैक्षिक समन्वयक रघुनंदन गुप्ता एवं रामसिंह धुर्वे सहित दोनों संकुलों के समस्त संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।

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