KTU में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित, स्किल डेवलपमेंट पर दिया जोर
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU) में 18 सितंबर को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अकादमिक अनुशासन, नियमित कक्षाओं में उपस्थिति, व्यक्तित्व विकास, स्किल डेवलपमेंट और बदलते कॉर्पोरेट एवं हेल्थकेयर सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर केटीयू और कलिंगा यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू भी साइन किया गया तथा दोनों संस्थानों के संसाधनों के साझा उपयोग और आपसी सहयोग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केटीयू के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कोलेब्रेशन और कोऑपरेशन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान गणेश के व्यक्तित्व को प्रबंधन का उदाहरण बताते हुए विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, कम बोलकर अधिक सुनने और सूक्ष्म अवलोकन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने, लचीलापन अपनाने, स्मार्ट वर्किंग और अपने व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल विषय आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक होनी चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने ‘हेल्थकेयर मार्केटिंग एंड इमर्जिंग ट्रेंड्स’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर प्लेसमेंट और करियर में सफलता के लिए विद्यार्थियों का नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर चिकित्सा सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं, वहीं अस्पताल के प्रबंधन, संचालन और वित्तीय पक्ष को मैनेजमेंट विशेषज्ञ संभालते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों की उपयोगिता बढ़ रही है।
डॉ. श्रीधर ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार विकसित हो रहे हैं। मेडिकल टूरिज्म में भी संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी तकनीकी और व्यावसायिक क्षमताओं को विकसित करने तथा कॉर्पोरेट क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
केटीयू के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों से शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और अपनी स्किल्स को बेहतर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की मांग और उपलब्ध मानव संसाधन के बीच के अंतर को कम करने में कौशल विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों को अपनी जॉब प्रोफाइल के अनुसार आवश्यक एटीट्यूड और कार्यकुशलता विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आशुतोष मांडवी ने स्वागत उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. केशव सिंह राठौर ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑफ्ट विश्वविद्यालय के डॉ. सोमनाथ साहू उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. पंकज नयन पांडेय, डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. शाहिद अली, डॉ. राजेंद्र मोहंती और डॉ. नृपेंद्र शर्मा सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।