पंडरिया के वनांचल गांव के अंकित सिंद्राम का MBBS में चयन, संघर्ष और मेहनत से हासिल किया मुकाम

lok sev
previous arrow
next arrow
वनांचल के अंकित सिंद्राम का MBBS में चयन, मेहनत और परिवार के सहयोग से हासिल किया मुकाम
पंडरिया। पंडरिया ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र ग्राम छिन्दीपारा (संकपाट) निवासी अंकित सिंद्राम ने अपनी मेहनत, लगन और परिवार के प्रोत्साहन के दम पर MBBS में चयन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले अंकित की इस सफलता से परिवार, समाज और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अंकित सिंद्राम, पिता रामकुमार सिंद्राम और माता रामेशरीनबाई सिंद्राम के तीन संतानों में दूसरे नंबर के हैं। उनके दादा का नाम विशम्भर सिंद्राम है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने अपने सभी बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया। परिवार के इसी सहयोग और अंकित की मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश पाने का सपना साकार किया।
अंकित ने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए कवर्धा स्थित नीट प्वाइंट कोचिंग संस्थान में पढ़ाई की। इस दौरान उनके चाचा दुजराम सिंद्राम, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन मिला। उन्होंने अंकित को पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया और कठिन परिस्थितियों में उसका हौसला बढ़ाया। परिवार के सदस्यों के सहयोग के साथ अंकित ने नियमित अध्ययन और अनुशासन को अपनी सफलता का आधार बनाया।
वनांचल क्षेत्र से निकलकर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में चयन हासिल करना अंकित के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी प्रतिभा और मजबूत इच्छाशक्ति के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बन सकती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का साथ मिले तो कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
अंकित के MBBS में चयन की खबर मिलते ही उनके परिवार और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई। शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिवार को उम्मीद है कि अंकित आगे चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देंगे और जरूरतमंद लोगों की मदद करेंगे।
अंकित की यह उपलब्धि उनके माता-पिता के त्याग, चाचा दुजराम सिंद्राम के सहयोग और स्वयं की वर्षों की मेहनत का परिणाम है। वनांचल के इस होनहार युवा ने यह साबित कर दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत के बल पर मंजिल हासिल की जा सकती है।

Related posts