विश्व बंधुत्व और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच, नई दिल्ली में होगा भव्य समारोह
नई दिल्ली। विश्व बंधुत्व, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच लगातार देश-विदेश में विभिन्न सामाजिक एवं वैचारिक गतिविधियों के माध्यम से अपना संदेश पहुंचा रहा है। मंच की मूल भावना “वसुधैव कुटुंबकम्”, “ग्लोबल विलेज” और “सत्यम शिवम सुंदरम” की संकल्पनाओं को आगे बढ़ाना है।
मंच द्वारा नई दिल्ली में भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी की जन्म जयंती समापन समारोह का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम में 25 देशों के राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मानव एकता, विश्व बंधुत्व और सद्भाव की भावना को मजबूत करना बताया गया है।
सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर जोर
अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच के प्रमुख उद्देश्यों में सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विश्व बंधुत्व को प्रोत्साहित करना शामिल है। मंच विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित कर समाज में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण बनाने का प्रयास करता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन, विचार-गोष्ठियां और जन-जागरण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
मंच की वैचारिक संकल्पनाओं में भारत-नेपाल के वैदिककालीन सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना, भारत को पुनः “विश्वगुरु” के गौरवपूर्ण स्थान पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में जनमत तैयार करना तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन में विचार निर्माण करना भी शामिल है। अयोध्या को संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय बनाए जाने की संकल्पना भी मंच की विचारधारा का हिस्सा बताई गई है।
1998 में हुई थी स्थापना
अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच की स्थापना वर्ष 1998 में न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद बेरी (पूर्व मुख्य न्यायाधीश) एवं विश्व रत्न स्वर्गीय श्री महाबीर प्रसाद तोरड़ी द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है। स्थापना के बाद से न्यायविदों, राजनेताओं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशकों, निर्वाचन आयुक्तों और विभिन्न राज्यों के राज्यपालों सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तियों का संगठन से जुड़ाव रहा है। वर्तमान में मंच को विश्व के 25 देशों का नैतिक समर्थन प्राप्त होने का दावा किया गया है।
नेपाल से भी रहा है विशेष संबंध
मंच का नेपाल के साथ भी महत्वपूर्ण संबंध रहा है। वर्ष 2008 में नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानंद झा के संगठन से जुड़ने तथा वर्ष 2011 में उन्हें मंच का संरक्षक बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
वर्तमान में डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा (अधिवक्ता) मंच के संयोजक के रूप में संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में मंच सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों के संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।
पुटपुटा के कृष्ण पुसाम का प्रस्ताव भी चयन प्रक्रिया में
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र के पुटपुटा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी कृष्ण पुसाम का प्रस्ताव-पत्र भी मंच कार्यालय को प्राप्त हुआ है। मंच के सांस्कृतिक सचिव विवेक स्वामी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रस्ताव को आगामी परीक्षण एवं चयन के लिए उच्च स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, नई दिल्ली को अग्रसारित किया गया है।
चयन समिति के निर्णय के बाद चयनित प्रतिभागियों को आधिकारिक आमंत्रण पत्र, कार्यक्रम की समय-सारणी एवं प्रवेश पास भेजे जाने की जानकारी दी गई है। समारोह का आयोजन स्व-सहायता वित्तीय प्रणाली एवं जन सहयोग के आधार पर किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।
इस आयोजन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच एक बार फिर “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को आगे बढ़ाते हुए विश्व बंधुत्व, सामाजिक सद्भाव और मानवीय एकता का संदेश देने की तैयारी में है।