QR कोड से खुलेगा रसायन का डिजिटल संसार, कामठी स्कूल में शुरू हुई अनोखी डिजिटल केमिस्ट्री लैब

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QR कोड से खुलेगा रसायन का डिजिटल संसार, कामठी स्कूल में शुरू हुई अनोखी डिजिटल केमिस्ट्री लैब
 जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामठी में शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल की शुरुआत हुई है। विद्यालय में विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के प्रयोगों को आधुनिक और डिजिटल माध्यम से समझाने के उद्देश्य से डिजिटल केमिस्ट्री लैब का शुभारंभ किया गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार ठाकुर एवं बीआरसी पंडरिया राम मुरारी यादव ने लैब का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार ठाकुर ने व्याख्याता तुलस राम चंद्राकर की इस अनोखी पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल केमिस्ट्री लैब विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रसायन विज्ञान जैसे प्रायोगिक विषय को आधुनिक डिजिटल माध्यम से समझने और प्रयोगों को सीखने के लिए यह एक बेहतर प्लेटफॉर्म है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में इस प्रकार का पहला प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने इस नवाचार के लिए तुलस राम चंद्राकर को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि तुलस राम चंद्राकर अपनी कक्षाओं में विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से रसायन विज्ञान के शिक्षण को लगातार रोचक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। डिजिटल लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त करने में विशेष लाभ मिलेगा और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।
संसाधनों की कमी बनी प्रेरणा
व्याख्याता तुलस राम चंद्राकर ने बताया कि विद्यालय में कई बार प्रयोगशाला सामग्री और स्थान की सीमित उपलब्धता के कारण सभी प्रायोगिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के सामने कराना संभव नहीं हो पाता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने करीब एक वर्ष पहले डिजिटल केमिस्ट्री लैब की परिकल्पना पर काम शुरू किया था। लगातार प्रयासों के बाद अब यह पहल साकार रूप ले चुकी है।
डिजिटल केमिस्ट्री लैब की सबसे खास विशेषता QR कोड आधारित डिजिटल सामग्री है। विभिन्न रासायनिक प्रयोगों और विषयवस्तु से संबंधित QR कोड उपलब्ध कराए जाएंगे। विद्यार्थी QR कोड स्कैन करने के साथ-साथ URL लिंक के माध्यम से संबंधित प्रयोग और जानकारी देख सकेंगे। डिजिटल माध्यम से प्रैक्टिकल को समझने, सीखने और अपने नोट्स तैयार करने की सुविधा भी उन्हें मिलेगी।
इस पहल से विद्यार्थियों को केवल शिक्षक पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं सीखने और प्रयोगों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और स्व-अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित होने की उम्मीद है।
निजी प्रयास से तैयार की डिजिटल लैब
तुलस राम चंद्राकर ने बताया कि डिजिटल केमिस्ट्री लैब की शुरुआत उन्होंने अपने प्रयास और निजी संसाधनों से की है। उन्होंने इस नवाचार को साकार करने में सहयोग देने के लिए विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के प्राचार्य ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से रसायन विज्ञान जैसे प्रायोगिक विषय को सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने डिजिटल केमिस्ट्री लैब का अवलोकन किया और इस अभिनव प्रयोग की सराहना की। वनांचल क्षेत्र के कामठी जैसे विद्यालय में डिजिटल तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की यह पहल शिक्षा में नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्रीमती हेमलता टंडन, व्याख्याता रामनाथ राजपूत, राजेश शर्मा, मनोज आदित्य, हीरालाल छापरिया, खेल शिक्षक कोमल धृतलहरे, संकुल समन्वयक रघुनन्दन गुप्ता, सुमीत पाण्डेय सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। उपस्थित शिक्षकों ने इस नए प्रयोग की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और भविष्य की शिक्षा के अनुरूप बताया।

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