कुई-कुकदूर कॉलेज में छात्र संगठन की बड़ी जीत, जनभागीदारी शुल्क ₹1000 से घटकर ₹500 हुआ
कुई-कुकदूर। शासकीय नवीन महाविद्यालय, कुई-कुकदूर में छात्र हित से जुड़ी मांग को लेकर किए गए लगातार प्रयास और आंदोलन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। महाविद्यालय में जनभागीदारी शुल्क को ₹1000 से घटाकर अब ₹500 कर दिया गया है। शुल्क में हुई ₹500 की कमी को छात्र संगठन ने छात्रों की एकता और संघर्ष की जीत बताया है।
छात्र संगठन की ओर से बताया गया कि महाविद्यालय में जनभागीदारी शुल्क अधिक होने के कारण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा था। इस विषय को लेकर छात्र संगठन ने छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए महाविद्यालय स्तर पर लगातार प्रयास किए। संगठन ने शुल्क में कमी की मांग को लेकर संबंधित जिम्मेदारों के समक्ष अपनी बात रखी और आंदोलन के माध्यम से छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया।
लगातार किए गए प्रयासों के बाद जनभागीदारी शुल्क में ₹500 की कमी करने का निर्णय लिया गया। अब विद्यार्थियों को जनभागीदारी शुल्क के रूप में ₹1000 की जगह ₹500 का भुगतान करना होगा। इस निर्णय से महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
छात्र संगठन ने शुल्क में कमी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। संगठन का कहना है कि यह केवल संगठन की जीत नहीं, बल्कि उन सभी छात्र-छात्राओं की जीत है, जिन्होंने अपनी मांग को लेकर एकजुटता दिखाई और आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर छात्र संगठन अध्यक्ष परमेश्वर धुर्वे सहित दीनानाथ, बिसाहू मरकाम, महेंद्र पंद्राम एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने खुशी जाहिर की। छात्र संगठन ने सहयोग और समर्थन देने वाले सभी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
छात्र संगठन के सदस्यों ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए संगठन आगे भी इसी तरह आवाज उठाता रहेगा। जनभागीदारी शुल्क में कमी को लेकर छात्रों में उत्साह का माहौल है। विद्यार्थियों ने इसे छात्र हित में एक सकारात्मक निर्णय बताते हुए छात्र संगठन के प्रयासों की सराहना की।
छात्र संगठन की ओर से इस अवसर पर “छात्र संगठन जिंदाबाद” और “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ इस उपलब्धि को छात्र एकता की जीत बताया गया।