देवसरा में 15वीं राजगोंड महासभा का समापन, सामाजिक एकता और संस्कृति संरक्षण पर दिया गया जोर

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देवसरा में 15वीं राजगोंड महासभा का समापन, सामाजिक एकता और संस्कृति संरक्षण पर दिया गया जोर
कबीरधाम जिले के विकासखंड पंडरिया अंतर्गत पावन धराधाम ग्राम देवसरा में आयोजित दो दिवसीय 15वीं राजगोंड महासभा का द्वितीय दिवस उत्साह और सामाजिक एकजुटता के माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत कबीरधाम की सभापति श्रीमती दीपा–पप्पू धुर्वे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रमुख चिंतकों, विचारकों, एवं सम्मानित महानुभावों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए राजगोंड समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद, सहयोग और एकता को मजबूत करते हैं।
सभापति श्रीमती दीपा–पप्पू धुर्वे ने अपने संबोधन में कहा कि राजगोंड समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। समाज की एकता, शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि महासभा जैसे आयोजन समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं को अपनी संस्कृति और पहचान से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। दो दिवसीय इस महासभा में सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण तथा समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
अंत में सभापति श्रीमती दीपा–पप्पू धुर्वे ने समस्त आयोजक मंडल और समाज के वरिष्ठजनों का आभार व्यक्त करते हुए सफल आयोजन के लिए सभी को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश का संचार करते हैं।

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