एक महीने से इलाजरत बायसन ने तोड़ा दम, सुधार के दावों पर सवाल

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उपचार में लापरवाही से बायसन की मौत? वन विभाग के दावों पर उठे सवाल
पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बदौरा के जंगल से एक चिंताजनक और सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। पिछले एक महीने से क्षेत्र में विचरण कर रहा एक बायसन, जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था, उसकी आज रात करीब 9:30 बजे मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बायसन के शरीर में तीन बाण (तीर) लगे हुए थे, जिसके बाद वन विभाग द्वारा उसका उपचार किया जा रहा था। हालांकि, अब उसकी मौत के बाद उपचार में लापरवाही के आरोप तेज हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले ग्रामीणों ने बायसन को जंगल में घायल अवस्था में देखा था। उसके शरीर में तीन बाण धंसे हुए थे, जिससे वह काफी पीड़ा में था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बायसन को उपचार के लिए निगरानी में रखा गया। इस दौरान विभाग द्वारा समय-समय पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह बताया जाता रहा कि बायसन की हालत में सुधार हो रहा है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।
लेकिन अचानक आई इस मौत की खबर ने विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बायसन की हालत में लगातार सुधार हो रहा था, तो फिर अचानक उसकी मौत कैसे हो गई? क्या वास्तव में उसका उपचार सही तरीके से किया जा रहा था, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही बरती गई?
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बायसन को समय पर और उचित उपचार नहीं मिल पाया। कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम देर से पहुंचती थी और केवल औपचारिकता निभाई जाती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते बेहतर इलाज और देखभाल की जाती, तो शायद बायसन की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं, वन विभाग के अधिकारी इस मामले में अभी स्पष्ट बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बायसन की मौत के कारणों की जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि घायल वन्यजीवों के उपचार और निगरानी में और अधिक गंभीरता और तत्परता की आवश्यकता है। क्षेत्र के लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, बायसन की मौत एक बड़ी क्षति मानी जा रही है और इससे वन्यजीव प्रेमियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी या वास्तव में लापरवाही का नतीजा।

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