शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का हुआ भव्य स्वागत
बदना। पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला बदना में शाला प्रवेश उत्सव बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया गया।
उत्सव के दौरान नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी अशोक मरावी ने बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश की शुभकामनाएं देते हुए कॉपी और पेन का वितरण किया।
अपने संबोधन में अशोक मरावी ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है, सही और गलत में अंतर करना सिखाती है तथा सामाजिक और व्यक्तिगत विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षित व्यक्ति किसी भी समस्या का तर्कपूर्ण समाधान निकालने में सक्षम होता है।
इस अवसर पर उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने स्वाभिमान, स्वतंत्रता तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनके त्याग और साहस से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रम्हिया रमेश मरावी (जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-02) उपस्थित रहीं। साथ ही शंकर यादव (सरपंच बदना), श्रीमती बिंदा पनागर (सरपंच बिरहुलडीह), नरेंद्र, फुलचंद, दिलीप, चंद्रप्रकाश राजपूत (संकुल समन्वयक), राजर्षि पाण्डेय, श्रीमती रामप्यारी परस्ते, ईश्वर चेलक, विनोद, नेमसिंह वर्मा, अशोक बंछोर, श्रीमती राधा धुर्वे सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और नियमित रूप से विद्यालय आने के संकल्प के साथ किया गया।