कवर्धा (छत्तीसगढ़)। वन विकास निगम अंतर्गत पंडरिया ब्लॉक के ग्राम भेड़ागढ़ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जंगल में एक मवेशी (गाय) पर अज्ञात जंगली जानवर ने प्राणघातक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे वनांचल क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल निर्मित हो गया है।लापता गाय की तलाश में पहुंचे थे ग्रामीणमिली जानकारी के अनुसार, पंडरिया ब्लॉक के ग्राम भेड़ागढ़ निवासी बिरसू बैगा की पालतू गाय रोज की तरह जंगल में चरने गई थी। शाम ढलने के बाद भी जब गाय घर वापस नहीं लौटी, तो बिरसू बैगा चिंतित हो गया। अपनी आजीविका के मुख्य साधन को ढूंढने के लिए बिरसू अगले दिन सुबह खुद जंगल की ओर रवाना हुआ। खोजबीन के दौरान अचानक उसे अपनी गाय का क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया।शव देखकर सहम उठा मवेशी मालिकअपनी पालतू गाय का शव देखकर बिरसू बैगा गहरे सदमे और दुख में डूब गया। गाय के शरीर पर गहरे जख्म और हमले के निशान थे। जिस बेरहमी से गाय का शिकार किया गया था, उसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह किसी बेहद हिंसक और बड़े जंगली जानवर (जैसे तेंदुआ या बाघ) का प्राणघातक हमला है। गाय के क्षत-विक्षत अवशेषों को देखकर ग्रामीण बुरी तरह सहम गए हैं।वन विकास निगम की टीम ने शुरू की जांचघटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। मामला संज्ञान में आते ही वन विकास निगम की टीम तत्काल मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंची। बीट गार्ड जसपाल मरकाम और डिप्टी रेंजर रंजीत पटेल के नेतृत्व में वन कर्मियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों ने मृत गाय के शव की स्थिति और आसपास जमीन पर उभरे पगमार्क (पैरों के निशान) की जांच शुरू कर दी है, ताकि हमलावर वन्यजीव की सटीक पहचान की जा सके।ग्रामीणों में बढ़ा डर, विभाग ने दी चेतावनीइस घटना के बाद से भेड़ागढ़ और आसपास के आश्रित गांवों में भारी डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इतना बड़ा शिकारी जानवर आबादी के करीब सक्रिय है, तो मवेशियों के साथ-साथ इंसानों पर भी हमले का खतरा बढ़ गया है। डिप्टी रेंजर रंजीत पटेल ने ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी है। वन विकास निगम की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की कागजी कार्रवाई पूरी की जा सके।